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सिमरा वीरान की गोसदन भूमि पर आईआईएसईआर के प्रयास तेज

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शाहजहांपुर। सूबे में विज्ञान शिक्षा के संवर्धन के लिए केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से विज्ञान शिक्षा अनुसंधान संस्थान खोले जाने के प्रयास तेज हो गए हैं। देश के नामी-गिरामी राज्यों में इस तरह के गिने-चुने संस्थान ही हैं। उत्तर प्रदेश में संस्थान की स्थापना की चर्चा होने पर पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने शाहजहांपुर में इसकी स्थापना किए जाने का सुझाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया, जिसे स्वीकार भी कर लिया गया है। देश में जिले को पहचान दिलाने के लिए तहसील पुवायां के विकास खंड खुटार अंतर्गतसिमरा वीरान के गोसदन की भूमि चिन्हित की गई है।
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विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) के लिए किसी भी राज्य को लगभग 250 एकड़ निशुल्क भूमि की जरूरत होती है। इसकी पूर्ति सिमरा वीरान गोसदन की भूमि कर रही है। इसके अंतर्गत बीएस (बैचलर ऑफ साइंस), एमएस (मास्टर ऑफ साइंस), पीएचडी आदि साथ ही शैक्षिक कार्यक्रमों के अंतर्गत विभिन्न पाठ्यक्रम भी पढ़ाए जाते हैं। इसमें कृषि विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, पशु संपदा संबर्धन, जैव प्रौद्योगिकी के साथ बेसिक साइंस पर भी जोर दिया जाता है। इस संबंध में एसएस कॉलेज प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्र का कहना है कि विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान की स्थापना से जनपद का चहुंमुखी विकास तो होगा ही, साथ ही देश-विदेश में इसकी ख्याति भी बढ़ेगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया और स्टार्टअप उपक्रमों के लिए वैज्ञानिक सोच वाले नवयुवक इस संस्थान से तैयार हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि संस्थान की स्थापना के लिए स्वामी चिन्मयानंद की मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ और नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना से बात हो चुकी है। दोनों ने सकारात्मक दिशा में कदम बढ़ाने की सहमति दी है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के संस्थान अभी तक पश्चिम बंगाल के कल्याणी और महाराष्ट्र के पुणे, पंजाब के मोहाली, मध्य प्रदेश के भोपाल, केरल के तिरुवनंतपुरम, आंध्र प्रदेश के तिरुपति तथा उड़ीसा के बहरामपुर में ही खुल सके हैं।
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