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तालीम खोल देती है तरक्की का हर रास्ता : मंजरी

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शाहजहांपुर। रमजान का पवित्र माह अब अपने अंतिम चरण में पहुंचने लगा है। शुक्रवार को जामा मस्जिद समेत अन्य मस्जिदों में अलविदा की नमाज पढ़ी गई। कड़ी सुरक्षा के बीच हजारों रोजेदारों ने पारंपरिक ढंग से जामा मस्जिद में नमाज अदा की। तकरीर के बाद मुल्क और कौम की तरक्की के लिए हजारों लोगों ने दुआएं मांगी।
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अलविदा की नमाज से पूर्व पेश इमाम मौलाना हुजूर अहमद मंजरी ने तकरीर की। उन्होंने अपनी तकरीर के माध्यम से मुस्लिमों को जिम्मेदारियों का अहसास कराया, वहीं शिक्षा का महत्व भी समझाया। उन्होंने कहा कि इस समय मुस्लिम समाज मायूसी के दौर से गुजर रहा है, इस मायूसी के माहौल से बाहर निकलना होगा। मुसलमान नए हौसलों के साथ मैदान-ए-अमन में कदम रखें और अपनी जिम्मेदारियों को समझें। उन्होंने हदीस का हवाला देते हुए कहा कि तालीम से किसी भी बुलंदी पर पहुंचा जा सकता है, फिर चाहें वह दीनी तालीम और या फिर दुनियाबी। तालीम के होते दुनिया की कोई भी ताकत किसी को तरक्की से नहीं रोक सकती।
मौलाना मंजरी ने अमेरिका के यहूदियों, इजराइल, अफ्रीका आदि जिक्र करते हुए कहा कि तालीम की दम पर हुकूमतों की नीतियों में दखल किया जा सकता है। इसलिए किसी को भी तालीम से मुंह नहीं मोडना चाहिए। नाइंसाफी की परवाह किए बिना बच्चों को हर सूरत में शिक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंनेे रमजान माह की खासियत बताते हुए फरमाया कि इस मुबारक माह में दोजख के दरवाजे बंद हो जाते हैं और अल्लाह तआला जन्नत के दरवाजे अपने बंदों के लिए खोल देता है। यह अल्लाह की खास इबादत का महीना होता है। रोजे का शबाब मुकर्रर नहीं होता, यह सिर्फ अल्लाह की अता पर निर्भर होता है, क्योंकि रोजे का तआल्लुक सीधे तौर पर अल्लाह से होता है।
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इससे पूर्व जामा मस्जिद प्रबंध कमेटी के सदर डॉ. तारिक अली खां, महासचिव मोअज्जम अली सिद्दीकी, कोषाध्यक्ष मौलाना अनीस अहमद ने तकरीर की। सुरक्षा के मद्देनजर सिटी मजिस्ट्रेट अरविंद सिंह, एसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी, सीओ सिटी महेंद्र पाल सिंह, कोतवाल राजीव शर्मा, एलआईयू इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह सलूजा समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
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