जान जोखिम में डाल नाले को पार कर रहे ग्रामीण
20 गांवों के लगभग 20 हजार आबादी परेशान, पुल बनवाने की मांग
फोटो-21,22
अमर उजाला ब्यूरो
तिलहर। तिलहर-निगोही मार्ग स्थित गांव बिरसिंहपुर से वरैंचा होकर गुरुगवां को जाने वाले मार्ग पर कैमुआ नाले(माइनर) पर पुल का निर्माण न होने से 20 गांवों की करीब 20 हजार से अधिक आबादी को बारिश के मौसम में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि जान जोखिम में डालकर ग्रामीण नाव से नाले को पार करने को मजबूर हैं। बरसों पहले बनाए गए पीपा पुल के टूट जाने के कारण आज तक पुल का निर्माण नहीं हो सका है। जनप्रतिनिधि भी ग्रामीणों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहें हैं, जिससे समस्या नासूर बनती चली जा रही है।
ग्रामवासियों का कहना है कि कैमुआ नाले पर पीपा पुल का निर्माण क्षेत्रीय विधायक रोशन लाल वर्मा ने लगभग एक दशक पूर्व कराया था जो लगभग एक बरसात भी नहीं झेल पाया। पुल टूट जाने के बाद लोगों का पैदल निकलना दूभर हो गया है। बरसात के समय समस्या और भी गंभीर हो जाती है। बताते हैं कि कैमुआ नाला निगोही के समीप से होकर गांव डांडिया, हटा दलेलपुर होता हुआ गर्रा नदी में समा जाता है। इस नाले पर पुल न होने से गांव बिरसिंहपुर, हजरतपुर,नवियापुर, भटपुरा, रतूली,चक, वरैंचा, वुरहानपुर, बिरहाना, रामपुरा नयागांव, रामपुर, परा झरसा आदि गांवों के लोग करीब 15 किमी का रास्ता तय करके गुरगवां होते हुए सीधे जिला मुख्यालय पहुंच जाते हैं। वैसे इस क्षेत्र के लोगों को शाहजहांपुर जाने के लिए निगोही होते हुए लगभग 35 किमी का मार्ग तय करना पड़ता है। जिससे समय और पैसा दोनों की बर्बादी होती है।
पीपा पुल बन जाने से लोगों को शाहजहांपुर जाने में खासी राहत मिली थी। साइकिल, ट्रैक्टर ट्राली, बाइक से लोग अतिशीघ्र जिला मुख्यालय पहुंच जाते थे लेकिन वर्तमान में पुल न होने से इस बरसात के मौसम में लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि प्राइवेट रूप से एक नाव लगी हुई है। नाव वाला 20 रुपये बाइक, 10 रुपये साइकिल और 5 रुपये प्रति व्यक्ति की उतराई ले रहा है। प्रति राउंड प्रति व्यक्ति को उपरोक्त पैसा खर्च करना पड़ रहा है जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। ग्रामीण जनप्रतिनिधियों से खासे नाराज हैं उनका आरोप है कि चुनाव के समय झूठे वादे करके ग्रामीणों के वोट हासिल करने वाले नेता जनता की समस्याओं के समय नदारत हो जाते हैं। उनका कोई भी पुरसाहाल लेने वाला कोई नहीं है। गांव वरैंचा के विकास तिवारी, छोटेलाल, रामानंद तिवारी, बृजनंदन तिवारी, राम प्रकाश मिश्रा, लाल बहादुर वर्मा, चतुर बिहारी लाल, रामगोपाल,गांव चक के नरेश, गांव रतूली के द्वारका प्रसाद, गांव नवियापुर के मनीराम, रघुवीर, रविंद्र ने उच्चाधिकारियों से तत्काल कैमुआ नाले पर पुल निर्माण कराए जाने की मांग की है।