शाहजहांपुर। जीएसटी विभाग की ब्याज माफी योजना (एमटीएस) में व्यापारियों पर बकाया टैक्स में ब्याज और अर्थदंड की छूट देकर मूल टैक्स जमा कराया जा रहा है। जनवरी में 150 व्यापारियों का डेढ़ करोड़ रुपये का ब्याज व अर्थदंड माफ किया। इतनी ही रकम जीएसटी विभाग के खाते में जमा कराई गई है।
जिले में करीब 700 व्यापारियों पर जीएसटी का करीब 7.50 करोड़ रुपये बकाया है। नवंबर में सरकार की ओर से ब्याज माफी योजना लागू की गई है, लेकिन जनवरी में इसका पोर्टल शुरू हो पाया। इसके बाद से व्यापारियों ने टैक्स जमा करना शुरू कर दिया है। टैक्स ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से जमा करना है। इसके बाद विभाग के एसएलपी-टू फार्म को ऑनलाइन भरना है। इसके बाद टैक्स माफी की प्रक्रिया पूरी होती है। व्यापारी को टैक्स माफ होने की रसीद मिल जाती है।
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कार्यालय में बनेगा सुविधा केंद्र
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि टैक्स जमा करने का पोर्टल नया होने की वजह से लोगों को आवेदन करने में दिक्कत आ रही है। इस वजह से आवेदन कम आ रहे हैं। इसके लिए विभाग के कार्यालय में सुविधा केंद्र की स्थापना की जा रही है। वर्तमान में जो व्यापारी आ रहे हैं, विभाग के कर्मचारी उनकी मदद करके टैक्स माफी के लिए आवेदन करा रहे हैं। इस योजना की अंतिम तारीख 31 मार्च है। अगर इस अवधि में टैक्स नहीं जमा किया गया तो व्यापारी को ब्याज के साथ पूरा टैक्स जमा करना पड़ेगा।
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तीन करोड़ में डेढ़ करोड़ रुपये का ब्याज माफ
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक 150 व्यापारियों पर ब्याज और अर्थदंड को मिलाकर तीन करोड़ की रकम बनती है। इसमें 90 प्रतिशत ब्याज और 10 प्रतिशत अर्थदंड माफ किया गया है। कुल डेढ़ करोड़ रुपये विभाग के खाते में जमा हो चुके हैं। अभी छह करोड़ मूल कर बकाया है। अगर ब्याज और अर्थदंड लगा लिया जाए तो 12 करोड़ रुपये बकाया है। व्यापारी इसका लाभ लेकर अपना टैक्स जमा करने में रुचि ले रहे हैं।
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व्यापारी इसके हकदार थे। व्यापारी वर्ग 28 प्रतिशत टैक्स दे रहा था। सरकार ने योजना चलाकर उनके हित में फैसला लिया है, जो अच्छा कदम है।
- सौमित्र गुप्ता
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व्यापारी को अधिक टैक्स देना पड़ रहा था। इस योजना से व्यापारियों को काफी लाभ मिलेगा। अगर व्यापारी इस योजना का लाभ लेगा तो उसे आगे भी मौका मिलने की संभावना रहेगी।
- कुलदीप दुआ
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ब्याज माफी योजना व्यापारियों के हित के लिए चलाई गई है। इसमें व्यापारियों का ब्याज और अर्थदंड माफ हो रहा है। 200 प्रतिशत की जगह 100 टैक्स जमा कराया जा रहा है। व्यापारियों को अगर कोई दिक्कत हो रही है तो वे कार्यालय में आकर अपना आवेदन करा सकते हैं।
- प्रवेश तोमर, उपायुक्त जीएसटी
सौमित्र गुप्ता, व्यापारी- फोटो : संवाद