ईपीडीआरपी योजना के तहत स्वीकृत बजट से पॉवर कारपोरेशन के 33 केवी क्षमता वाले कई निर्माणाधीन पॉवर सब स्टेशन जल्द बनकर चालू हो जाएंगे। इसके बाद शहर के सब स्टेशनों पर बिजली का लोेड कम होगा और जलालाबाद, कांट, मदनापुर, सिंधौली, निगोेही आदि क्षेत्रों को बिजली सप्लाई में लाइन फाल्ट रोड़ा नहीं बनेंगे। इस बीच, कटरा, खुदागंज और शहर में नए सब स्टेशन के लिए उपयुक्त जमीन की तलाश का काम जारी है।
वर्तमान में जिले का बिजली नेटवर्क 33 केवी क्षमता वाले 34 सब स्टेशनों पर टिका है। शहरी क्षेत्र में लगभग 65 हजार उपभोक्ताओं की बिजली मांग पूरे करने के लिए वितरण खंड द्वितीय में सात उप केंद्र हैं। इसी तरह देहात क्षेत्र के वितरण खंड प्रथम में पुवायां व सदर तहसील के 14 और तिलहर डिवीजन में शामिल जलालाबाद और तिलहर तहसील के 14 उपकेंद्र शामिल हैं।
इनमें से कई सब स्टेशन हाल के कुछ वर्षों में बनकर तैयार हुए हैं, लेकिन समय बीतने के साथ कनेक्शनों की संख्या बढ़ने से कई सब स्टेशनों पर ओवरलोेडिंग से लाइनों में ट्रिपिंग की समस्या गहराने लगी। इसे देखते विभिन्न योजनाओं से न सिर्फ नई लाइनें बिछाने का काम शुरू हुुआ, नए सब स्टेशन भी स्वीकृत किए गए। इनमें से कई सब स्टेशनों का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है।
बिजनेस प्लान से बनेंगे बंडा के सब स्टेशन
बंडा में पहले से स्थापित 33 केवी सब स्टेशन पर बिजली लोेड ज्यादा होने से वहां के पांच एमवीए वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई। इसके बावजूद सप्लाई में अपेक्षित सुधार नहीं हुुआ, जबकि नए कनेक्शनों की मांग ज्यादा है। एक्सईएन अंशुमान यादव के अनुसार इसे देखते क्षेत्र के गांव नानकपुरी और ढका घनश्याम में बिजनेस प्लान से उप केंद्रों का निर्माण कराया जा रहा है। दोनों सब स्टेशनों को बड़ागांव-बंडा के बीच हाल में डाली गई 132 केवी की लई लाइन से जोड़ा जाएगा।
कांट में आईपीडीएस सुधारेगी बिजली सप्लाई
एक दशक पहलेे तक कांट कसबे को शहर के तत्कालीन जलालाबाद फीडर से बिजली सप्लाई दी जा रही थी। बाद में कसबे को जमौर सब स्टेशन से जोड़ा गया, लेकिन इससे औद्योगिक क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ाने लगी। अब कांट में इंटीग्रेटेड पॉवर डेवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) के तहत 33 केवी के नए सब स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू कराया गया है।
मुड़िया पवार को दीनदयाल योजना करेगी रोशन
कहने को सिंधौली ब्लॉक के इस गांव में बहुत पहले से बिजली है, लेकिन गांव की तकदीर को रोशन करने में बिजली कभी प्रभावी भूमिका नहीं निभा सकी। किसानों को हमेशा यही शिकायत रही कि फसलों की सिंच्राइ के लिए उन्हें जरूरत के मुताबिक बिजली नहीं मिल पाई। क्षेत्र के ग्रामीणों की यह शिकायत बहुत जल्द दूर हो जाएगी क्योंकि मुड़िया में दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना से 33 केवी सब स्टेशन का निर्माण शुरू हो चुका है।
शहर में नहीं मिल रही 2000 वर्ग मीटर जमीन
आईपीडीएस के तहत कटरा और खुदागंज में 33 केवी सब स्टेशनों के लिए जमीन की तलाश में उतनी अड़चन नहीं आ रही, जितनी शहर में। दरअसल, शहरी क्षेत्र में ककरा और अब्दुल्लागंज के बीच घनी बस्ती होने से उपकेंद्र के लिए पर्याप्त जमीन नहीं मिल पा रही है। एसडीएम सदर रामजी मिश्रा और एक्सईएन सिटी विवेक पटेल कई बार प्रस्तावित क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं, लेकिन बात नहीं बनी। सब स्टेशन के लिए कम से कम दो हजार वर्ग मीटर जमीन की आवश्यकता है। एक्सईएन पटेल के अनुसार जमीन नहीं मिलने की दशा में अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में सब स्टेशन की स्थापना पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इस प्रोजेक्ट पर अमल करने की दशा में फीडरों की लाइनों को लंबा खींचना पड़ेगा।