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जाम के झाम में निकल गया गंगा स्नान का मुहूर्त

Sun, 05 Nov 2017 12:08 AM IST
शाहजहांपुर।
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 कार्तिक पूर्णिमा पर्व पर वैसे तो पूरे दिन लोगों ने गंगा में श्रद्धा की डुबकी लगाई लेकिन गंगा स्नान को जाने वाले तमाम लोग जाम में ऐसे फंसे कि ब्रह्ममुहूर्त में नहाने का समय ही निकल गया। जाम के चक्कर में कोलामोड़ पर वाहन चालक एक-दूसरे से भिड़ गए। उन्होंने एक-दूसरे पर जमकर डंडे चलाए, इसमें दो लोगों के काफी चोट लगी। इससे भगदड़ की स्थिति बन गई। जाम में फंसे लोगों ने दोनों पक्षों को शांत कर जैसे-तैसे वाहनों को निकलवाया। यह विवाद मौके पर पुलिसकर्मी न होने की वजह से हुआ। घंटों बाद पहुंची थाना पुलिस ने जाम खुलवाया।
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गंगा स्नान पर्व को लेकर प्रशासन ने कहने को तो तैयारियां की थीं लेकिन रात लगभग 2:30 बजे गंगा तट के लिए श्रद्धालुओं का जो रेला रवाना होना शुरू हुआ, उससे सुबह होने तक लोगों की तादात बढ़ती चली गई। ट्रैफिक का बढ़ता दबाव आखिरकार जाम में तब्दील हो गया। जलालाबाद से फर्रुखाबाद रोड पर निकलकर लोग जैसे ही कोला मोड़ पर पहुंचे तो यहां आगे निकलने की होड़ में जाम में फंस गए। लगभग तीन किलोमीटर तक दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। जाम से निकलने के लिए वाहन चालक हॉर्न पर हॉर्न बजाए जा रहे थे। यहां वाहन लोगों ने आड़े-तिरछे घुसा दिए थे। इससे वाहन फंस गए और लंबा जाम लग गया। हालात यह थे कि कोई भी अपना वाहन पीछे करने को तैयार नहीं था। वाहन निकालने की जद्दोजहद में पहले तो गाली-गलौज शुरू हुई, फिर वह लोग डंडे लेकर निकल आए और मारपीट शुरू कर दी। इससे वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। मारपीट की इस घटना में कन्नौज निवासी ट्रक चालक मनीष और उसके साथी रमेश चोटिल हो गए। इसके बाद कुछ लोगों ने जैसे-तैसे मामले को शांत किया, तब बमुश्किल लोग जाम से निकल पाए। जाम के झाम में फंसे लोगों का कहना था कि सोचा था कि सुबह ब्रह्ममुर्हूत में जल्दी नहा लेगें लेकिन जाम ने मुर्हूत निकाल दिया।
जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा पड़ रही भारी
शाहजहांपुर। कोला मोड़ से रैपुरा गांव तक तीन किलोमीटर तक यहां पर वन वे रोड है। यहां से वाहन निकलकर कोलापुल मिर्जापुर, कलान वायां उसावां बदायूं होते हुए दिल्ली जाते हैं, इसलिए इस रोड पर वैसे ही ट्रैफिक रहता है। कार्तिक पूर्णिमा का मेला होने के कारण ट्रैफिक और बढ़ गया। नतीजा जाम के झाम से लोगों को जूझना पड़ा। ऐसा नहीं है कि कार्तिक मेल पहली बार लगा है, मेला हर साल लगता है और लोग इसी तरह जाम में फंसते हैं लेकिन इससे मुक्ति दिलाने के लिए रोड को चौड़ा नहीं कराया गया।
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