कार्तिक पूर्णिमा पर सिखों के आराध्य गुरुनानक देव जी महाराज की जयंती प्रकाश पर्व के रूप में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के हाल में कीर्तन दरबार सजा और अखंड पाठ का समापन होने पर रागी जत्थों ने शबद-कीर्तन करके संगत को निहाल किया। श्रद्धालुओं ने गुरु ग्रंथ साहिब को मत्था टेक कर प्रसाद ग्रहण किया।
प्रकाश पर्व के आयोजन को गुरुद्वारा दीवान हाल को विशेष रूप से सजाया गया। गुरु महाराज की पालकी को फूलों से सजाकर उस पर गुरु ग्रंथ साहिब को विराजमान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्त्री सुखमनी सेवा सोसाइटी की ओर से सुखमनी साहिब के पाठ से हुआ। इसके साथ गुरवचन सिंह माटा परिवार की ओर से बृहस्पतिवार को आरंभ किए गए अखंड पाठ का समापन होने पर भोग चढ़ा। हुजूरी रागी जत्थे के भाई मंजीत सिंह ने आरती की और शबद गायन के माध्यम से गुरु महिमा का बखान कर सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया।
इसी क्रम में रोजा स्थित श्री गुरु रामदास गुरमत संगीत विद्यालय के विद्यार्थी भाई प्रहलाद सिंह और भाई गुरजंट सिंह ने गुरु महाराज के जीवन प्रसंगों को कथा कीर्तन से प्रस्तुत किया। अमृतसर से आए भाई करमजीत सिंह और उनके साथियों ने गुरुवाणी का पाठ कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंध समिति की प्रधान बीबी कमलेश कौर माटा, हरभजन सिंह दुआ, जुझार सिंह माेंगा, अवतार सिंह मोेंगा आदि ने सेवादारों को सरोपा भेंटकर सम्मानित किया और संगत को गुरुनानक देव के आगमन दिवस की बधाई दी। अंत में लंगर खुला, जिसमें तमाम श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। व्यवस्था में दलीप सिंह, करमजीत सिंह, रघुवीर कौर, जैसमीन, सुरेंद्र सिंह, जोगेंद्र सिंह, गुरुवचन सिंह माटा आदि का सहयोग रहा।