शाहजहांपुर। पॉवर कारपोरेशन के लखनऊ सिस्टम कंट्रोल से लागू दो घंटे की नियमित कटौती के बीच ककरा कलां पॉवर सब स्टेशन की मेन 33 केवी लाइन से चील, बाज, कौए आदि पक्षी टकराने से रक्षाबंधन के दिन कई मोहल्लों के सैकड़ों घरों में सुबह से दोपहर बाद तक बिजली संकट बना रहा। पक्षियों के टकराने से एचटी लाइन शार्ट सर्किट से बार-बार ट्रिप होती रही। इस कारण आनंदपुरम, सुभाषनगर, ककरा आदि फीडर से जुड़े तमाम घरों में त्यौहार की तैयारियों में खलल पड़ा और सबमर्सिबल, जेट पंप आदि नहीं चल पाने से पानी का संकट पैदा हो गया।
ककरा कलां सब स्टेशन की लाइनों के लिए मांसभक्षी पक्षी पहले भी कई बार समस्या बन चुके हैं। दरअसल, बिजली उपकेंद्र के ठीक पीछे स्लाटर हाउस बना होने से वहां जानवर काटे जाते हैं। यही नहीं, मृत जानवर भी खाल उतारने के बाद वहां शहबाजनगर की पुरानी रेलवे लाइन के किनारे खाई में डाल दिए जाते हैं। इसीलिए वहां मंडराने वाले चील, गिद्ध, बाज, कौए आदि बिजली लाइनों पर बैठते हैं तो लाइनें ट्रिप होने लगती हैं।
हालांकि, इन दिनों स्लाटर हाउस बंद है, लेकिन निर्जन इलाका होने के कारण वहां गाहे-बगाहे पशु काट दिए जाते हैं। उनके अस्थिपंजर शिकारी पक्षियों को आकर्षित कर रहे हैं। सोमवार को सुबह यही हुआ, जब मेन लाइन से पक्षी के टकराने पर सब स्टेशन का इनकमिंग फीडर बंद हो गया। नतीजे में अन्य फीडरों के पैनल भी ठंडे पड़ गए। करीब आधा घंटे बाद जंपर और फ्यूज सही करके इनकमिंग फीडर चालू किया गया, लेकिन 10 मिनट बाद फिर यही समस्या पैदा हो गई।
बार-बार बत्ती गुल होने का यह सिलसिला दोपहर एक बजे के बाद तक जारी रहा। इस वजह से फीडरों से संबंधित करीब आठ हजार घरों में सुबह से दोपहर बिजली संकट बना रहा। प्रभारी अवर अभियंता अलंकृत मिश्रा के अनुसार पक्षियों का जमावड़ा हटाने के लिए आसपास के लोगों से अनुरोध कियया गया है कि वे मृत जानवर सब स्टेशन यार्ड के पीछे नहीं डालें।