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Shahjahanpur News: सरकारी योजनाओं के लाभ लेने के लिए दिव्यांग बन गए 14 लोग

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शाहजहांपुर। स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया है। मेडिकल बोर्ड के सामने पेश हुए बगैर स्वास्थ्य कर्मचारियों की मिलीभगत से 14 लोगों ने दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवा लिए। शिकायत के बाद जांच में घोटाला खुला तो डीएम ने प्रमाणपत्र बनवाने वालों के साथ ही डीईआईसी मैनेजर, डाटा इंटी ऑपरेटरों और पटल सहायकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
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मिर्जापुर के गांव मझारा बढ़ऊ के रहने वाले संतराम कश्यप ने 17 दिसंबर 2025 को डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह से शिकायत की थी कि उनके गांव के कई लोग फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्रों के जरिये सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। डीएम ने सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह से तथ्यों की जांच कराई।
सीएमओ डॉ. विवेक कुमार मिश्रा ने रिपोर्ट भेजी कि उपलब्ध कराई गई 16 लोगों की सूची में से 14 लोगों के दिव्यांग प्रमाणपत्र मेडिकल बोर्ड की ओर से जांच के बाद जारी नहीं किए गए हैं। इनका रिकाॅर्ड भी कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। डीएम ने सभी दिव्यांग प्रमाणपत्र निरस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडिकल बोर्ड की संस्तुति के बगैर दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने वालों और प्रमाण पत्र बनाने वाले डीईआईसी (जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र) मैनेजर संतोष कुमार सिंह, संबंधित पटल सहायकों और डाटा इंट्री ऑपरेटरों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए निर्देशित किया है।
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उन्होंने संविदा या आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने और नियमित सेवा के कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी व परियोजना निदेशक डीआरडीए को निर्देशित किया गया है कि वे यह जांच करें कि आरोपियों ने किसी सरकारी योजना का लाभ लिया है या नहीं। योजना का लाभ लिया हो तो उसे निरस्त कर वसूली की जाए। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जांच में जो दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इस मामले की गहराई से जांच कराई जाएगी। अन्य किसी अधिकारी-कर्मचारी की संलिप्तता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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