शाहजहांपुर/रोजा। गेहूं की खरीद के लिए सोमवार से क्रय केंद्र सक्रिय कर दिए गए। आंकड़ों के मुताबिक, जिले में अब तक 13,500 किसानों ने पंजीकरण करा लिया है, लेकिन पहले दिन एक भी किसान गेहूं बेचने के लिए नहीं पहुंचा। वहीं, केंद्रों पर तैयारियां भी अधूरी हैं। माना जा रहा है, अप्रैल में गेहूं खरीद शुरू होगी।
जिले में गेहूं खरीद के लिए 197 क्रय केंद्र तैयार किए जा रहे हैं। मंडी समिति रोजा में सोमवार से खरीद शुरू होनी थी। यहां पड़ताल में सामने आया कि अभी तक कुछ क्रय केंद्रों पर ही बैनर टांगे गए हैं। कुछ पर कांटा-बांट की व्यवस्था कर दी गई है। आरएफसी और पीसीएफ के क्रय केंद्रों को छोड़कर अन्य क्रय केंद्रों पर अभी बैनर नहीं लगे हैं। क्रय केंद्र प्रभारियों का कहना है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में गेहूं केंद्र पर पहुंचेगा। अभी पूरी तरह फसल पककर तैयार नहीं हुई है।
-कम दाम पर सरकारी खरीद बनेगी चुनौती-
चर्चा है कि इस बार गेहूं की निजी तौर पर खरीद 2800 रुपये प्रति क्विंटल से भी ज्यादा है। आढ़तियों ने गांवों में जाकर किसानों से संपर्क साधना भी शुरू कर दिया है। ऐसे में 2425 रुपये में सरकारी गेहूं खरीद चुनौती बनेगा। इसको लेकर अधिकारी भी चिंतित हैं।
पुवायां क्षेत्र में अभी 20 दिन तक नहीं शुरू हो सकेगी कटाई
पुवायां। जिले में अन्य तहसीलों की अपेक्षा कस्बे में फसलों की बोआई और कटाई सबसे पहले शुरू हो जाती है। गेहूं की बोआई पुवायां में सबसे पहले हो गई थी। अभी गेहूं हरा है। इस कारण कटाई शुरू होने में 20 से 25 दिन का समय लग सकता है। इस कारण गेहूं की खरीद भी लगभग 15 अप्रैल से ही शुरू होने की संभावना है।
वहीं, मंडी समिति परिसर में गेहूं खरीद के लिए तैयारियां कर ली गई हैं। तहसील क्षेत्र में कुल 93 सेंटर लगने हैं। पुवायां मंडी परिसर में कुल 34 और देहात क्षेत्र में चार क्रय केंद्र स्थापित होने हैं। 17 मार्च को मंडी में केवल पांच सेंटरों के ही बैनर लगे मिले और केंद्र प्रभारी भी बैठे। 29 केंद्रों के बैनर भी नहीं लगे हैं और केंद्र प्रभारी भी नदारद हैं।
केंद्र प्रभारी किसानों से गेहूं खरीद के लिए अभी से संपर्क करने लगे हैं। पुवायां तहसील क्षेत्र में 8816 किसान गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण भी करा चुके हैं।
जलालाबाद मंडी में बैनर टांगकर चले गए क्रय केंद्र प्रभारी
जलालाबाद। सोमवार से गेहूं क्रय केंद्र शुरू करने के शासन के आदेश को खरीद एजेंसियों ने हवा में उड़ा दिया। मंडी समिति में स्वीकृत नौ सेंटरों में से पहले दिन खाद्य एवं रसद विभाग और मंडी समिति के केंद्र स्थल पर केवल बैनर टंगे दिखाई दिए। वहां बाहर से ताला लगा मिला और कोई कर्मचारी भी मौजूद नहीं दिखा। शेष सात सेंटरों वाले टिन शेड में सन्नाटा मिला और वहां बैनर तक नहीं लगाए गए।
मंडी समिति में आरएफसी व यूपीएसएस के चार-चार और मंडी समिति का एक सेंटर स्वीकृत हुआ है। इसी तरह पीसीएफ का एक केंद्र मनोरथपुर सहसोबारी, एक मदनापुर के गांव चमरडुही, पीसीयू का एक गांव ठिगरी व एक मदनापुर के गांव बरुआ में, यूपीएसएस का एक खंडहर गांव में व एक कलान स्थित सहकारी समिति में संचालित होना है। मंडी सचिव राजीव रंजन ने बताया कि कई एजेंसियों के संचालक अभी सामान भी नहीं ले गए हैं और इस बारे में अधिकारियों को बता दिया गया है। सचिव के अनुसार अभी गेहूं की आवक शुरू नहीं हुई है, लेकिन रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं। मंडी समिति ने अभी केवल 135 किसानों का पंजीकरण किया है। संवाद
मंडियों में क्रय केंद्र स्थापित कर दिए गए हैं। अभी फसल तैयार नहीं हुई है। अप्रैल के पहले सप्ताह में गेहूं खरीद शुरू होने की संभावना है। व्यवस्था पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
-राकेश मोहन पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
रोजा मंडी समिति में स्थापित केंद्र पर खाली बैठे कर्मचारी। संवाद
रोजा मंडी समिति में स्थापित केंद्र पर खाली बैठे कर्मचारी। संवाद