पॉवर कारपोरेशन मुख्यालय के निर्देशों की अनदेखी करके मनमाने तरीके से हाईटेंशन लाइन की रिपेयरिंग का काम शुरू किए जाने से बादशाहनगर फीडर से निकली कहिलिया वाली लाइन से जुड़े तमाम गांवों के हजारों घरों की बत्ती गत दो दिन से गुल है। चूंकि, काम अभी जारी है, इसलिए ग्रामीण गर्मी और उमस के मौसम में बिजली संकट से बेहाल हो रहे हैं।
दरअसल, इन दिनों कहिलिया की 33 केवी लाइन के ऊपर से निकली 132 केवी वाली लाइन के टॉवर की मरम्मत का काम चल रहा है। इसके लिए क्षेत्र के उपखंड अभियंता ने 33 केवी लाइन का रोजाना 20 घंटे के लिए शट डाउन ले रखा है। नियमत: लाइन मेंटीनेंस का काम बिजली कटौती के दौरान होना चाहिए, लेकिन इस व्यवस्था की अनदेखी होने से कहिलिया लाइन से गावों को शेष चार घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है।
इसी लाइन से जुड़े गांव बरमौला अर्जुनपुर के निवासी अखिलेश कुमार के अनुसार अभी तक कहिलिया लाइन से रात आठ बजे से सुबह दस बजे तक बिजली सप्लाई मिलती रही, लेकिन जब से टॉवर मेंटीनेंस का काम शुरू हुआ, बिजली सप्लाई अघोषित तौर पर बंद कर रखी गई है। इससे इलाके के ट्यूबवेल नहीं चल पाने से खेतों में तैयार हो रहीं खरीफ फसलों की सिंचाई में भी बाधा पड़ रही है। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय अवर अभियंता सफलधीर सिंह को अपनी समस्या बताई, लेकिन वह भी खुद को असहाय बता रहे हैं।
36 गावों की अस्थाई तौर पर बत्ती गुल
टॉवर की मरम्मत के लिए 33 केवी लाइन बंद कर दिए जाने से कहिलिया, बरमौला अर्जुनपुर, तारापुर, चठिया, सिसौआ, छीतेपुर, कुआंडांडा, रायपुर, सिंगरहा, बेहटी, दाउदपुर, देवरास, शाहजापुर, अकबरपुर, गौहनियां आदि 36 गांवों की बिजली सप्लाई बंद है। वहां के एसडीओ का सीयूजी नंबर डॉयल करने पर नॉट रीचेबिल की वॉयस मिलती रही।