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पीपीपी मॉडल पर सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को मंजूरी

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शाहजहांपुर। महानगर समेत आसपास के नगरीय निकायों को जल्द कूड़ा निस्तारण की समस्या से निजात मिल सकती है। शासन ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को स्वीकृति दे दी है। एजी डॉट्स नाम की कंपनी ककराकलां में प्लांट लाएगी। करीब 400 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट से प्रतिदिन 40 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य भी तय किया गया है। अफसरों ने इस बात से भी इंकार नहीं किया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 16 दिसंबर को संभावित शाहजहांपुर दौरे के दौरान प्लांट का शिलान्यास करेंगे।
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शासन ने इसी वर्ष अप्रैल में शाहजहांपुर नगर पालिका को नगर निगम का दर्जा दिया था। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना का गृह क्षेत्र होने की वजह से लोगों में काफी उम्मीदें जगीं। धीरे धीरे विकास का पहिया भी घूमने लगा है। महानगर में सबसे बड़ी समस्या कूड़ा निस्तारण की है। आसपास के नगरीय निकायों के सामने भी यह समस्या है। ऐसे में जगह जगह डंपिंग ग्राउंड बनते जा रहे हैं। इसको देखते हुए शासन ने पीपीपी मॉडल पर महानगर में सॉलिडवेंड मैनेजमेंट प्लांट को स्वीकृति दे दी है। नगर निगम ने इसके लिए ककरा कलां में अपनी एक हेक्टेयर जमीन भी आवंटित कर दी है। यहां नगर निगम का डंपिंग ग्राउंड भी है। करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस कूड़ा निस्तारण प्लांट में प्रतिदिन 40 मेगावाट बिजली उत्पादन भी होगा। इसके लिए शासन का एजी डॉट्स नाम की निजी कंपनी से करार हुआ है। स्थानीय स्तर पर कुछ औपचारिकताएं पूरी होनी बाकी हैं। इसके लिए इसी सप्ताह कंपनी के अधिकारियों की टीम शाहजहांपुर दौरे पर पहुंचने की बात कही जा रही है। नगर आयुक्त विद्या शंकर सिंह ने बताया कि प्लांट लगाने का काम जल्द चालू होने की उम्मीद है।

आस-पास के नगरीय निकायों को भी मिलेगा लाभ
शाहजहांपुर। सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को चालू रखने और प्रतिदिन 40 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए काफी कूड़े की जरूरत होगी। इसके लिए एजी डॉट्स के पास शाहजहांपुर के आस-पास के नगरीय निकायों का कूड़ा एकत्र करने का भी अधिकार होगा। जाहिर है कि कांट, जलालाबाद, तिलहर समेत आस-पास के निकायों में भी कूड़ा निस्तारण की समस्या काफी हद तक दूर होगी।
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पीपीपी मॉडल पर कूड़ा निस्तारण प्लांट को स्वीकृति मिल चुकी है। करीब 400 करोड़ लागत से लगने वाले इस प्लांट से प्रतिदिन 40 मेगावाट बिजली उत्पादन भी होगा। प्लांट लगने के बाद कूड़ा निस्तारण की समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।
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-अमृत त्रिपाठी, डीएम
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