शाहजहांपुर। ई-रिक्शा व डग्गामार वाहनों के खिलाफ बृहस्पतिवार को बरेली मोड़, रोडवेज बस स्टैंड, राजघाट पुल पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। 20 ई-रिक्शों के चालान किए गए। 17 ई-रिक्शा सीज किए गए। बता दें कि तीन दिन में अब तक 124 ई-रिक्शों का चालान किया जा चुका है। 78 ई-रिक्शा सीज किए गए हैं।
इसके अलावा डग्गामार वाहनों के खिलाफ चले अभियान में पांच इको गाड़ियों को सीज कर पुलिस लाइन में खड़ा कराया गया। शासन के निर्देश पर सीओ यातायात संजय कुमार, एआरटीओ शांति भूषण पांडेय व प्रभारी यातायात विनय कुमार पांडेय संयुक्त रूप से अभियान चला रहे हैं। सीओ ने बताया कि पहले दिन 54 ई-रिक्शों का चालान और 31 सीज किए गए। दूसरे दिन 50 ई-रिक्शों का चालान और 30 सीज किए गए। बृहस्पतिवार को 20 ई-रिक्शों का चालान और 17 सीज किए गए।
कार्रवाई के बाद ई-बसों में दस फीसदी यात्री बढ़े
- सिटी बस सेवा के प्रबंधक ने बृहस्पतिवार को लिया यात्रियों की संख्या का जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। ई-रिक्शा पर लगाम कसने के बाद ई-बसों में सवारियों की संख्या बढ़ी है। शहर के अंदर संचालित बसों में दस प्रतिशत तक सवारियां बढ़ गईं हैं। संभावना है कि आने वाले दिनों में राजस्व बढ़ सकता है।
स्मार्ट सिटी में चलाने के लिए 25 ई-बसें नगर निगम को प्राप्त हुईं थीं। अतिक्रमण की वजह से संकरी सड़कों में बसें चलने पर जाम की स्थिति बन गई। ऐसे में पुवायां, जलालाबाद और तिलहर जैसे रूट पर बसों को चलाया गया। नगर के लिए मात्र आठ बसों को रखा गया। इनमें चार बसें चार्ज होती हैं तो चार का संचालन होता है।
नगर में संचालित बसों को अब तक सवारी नहीं मिल पा रहीं थीं। जाम में फंसकर समय खर्च करने के बजाय लोग ई-रिक्शे से सफर करना ज्यादा मुनासिब समझते हैं। ऐसे में बरेली मोड़ से रोडवेज बस अड्डे तक बसों में प्रति चक्कर में सात से आठ सवारी ही जुट पाती हैं। यातायात पुलिस और एआरटीओ के ई-रिक्शों पर लगाम कसने के बाद ई-बसों में सवारियों का ग्राफ बढ़ गया है।
बृहस्पतिवार को सिटी बस सेवा के प्रबंधक संदीप लाहा ने बसों को चेक किया। उन्होंने बताया कि अधिकारियों की कार्रवाई के बाद ई-बस सेवा में दस फीसदी तक यात्री बढ़े हैं। अब तक प्रति बस एक हजार रुपये रोजाना राजस्व कमा रही है।