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Shahjahanpur News: डेंटिस्ट होने के बावजूद नहीं हो पा रहा मरीजों का उपचार

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निगोही सीएचसी में एक्स-रे मशीन कक्ष पर लटका ताला। संवाद
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शाहजहांपुर। मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने का दावा करने वाले स्वास्थ्य विभाग में अव्यवस्थाएं हावी हैं। निगोही सीएचसी में डेंटिस्ट होने के बावजूद मरीजों का उपचार नहीं हो पा रहा। यहां पर रात में गंभीर गर्भवती महिलाओं को रेफर कर दिया जाता है। इसी तरह ओपीडी में मरीजों का परीक्षण करने के लिए पर्याप्त डॉक्टर तक उपलब्ध नहीं हैं।
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निगोही ब्लॉक के करीब 85 गांवों की दो लाख आबादी के लिए सीएचसी की सुविधा नाकाफी साबित हो रही हैं। अस्पताल में ओपीडी में रोजाना छह से सात सौ मरीज आते हैं। उनके उपचार के लिए एमओआईसी डॉ. नितिन चौधरी, डॉ. सबिहा अंसारी व डॉ. तरुण कनौजिया की नियुक्ति है। कुछ दिन पहले डॉ. सबिहा अंसारी एमडी के प्रशिक्षण के लिए चली गईं हैं। डॉ. नितिन विभाग की बैठक और योजनाओं में व्यस्त रहते हैं। इस वजह से डॉ. कनौजिया और बीओएमएस डॉ. गिरीश ही जिम्मेदारी संभालते हैं।
स्टाफ के अभाव में मरीजों को अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ता है। वर्तमान में महिला डॉक्टर नहीं होने से महिला रोगी को लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसी तरह डेंटिस्ट डॉ. स्वाति के पास उपकरण तक नहीं हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों को एक्सरे का लाभ नहीं मिल पा रहा। मशीन कक्ष में ताले में बंद पड़ी है। हेल्थ एटीएम को लैब टेक्नीशियन चलाती हैं। जांच के नाम मात्र खानापूर्ति हाे रही है।
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रेफर कर दीं जातीं गर्भवती
अस्पताल में प्रसव कराने के लिए संविदा पर डॉ.अंतिमा मित्तल कार्यरत हैं। वह दिन में कार्य करती हैं, लेकिन रात में उनकी ड्यूटी नहीं रहती है। रात में आने वाले मरीजों का सामान्य प्रसव करा दिया जाता है, लेकिन गंभीर गर्भवती महिला को रेफर कर दिया जाता है।

अस्पताल में स्टाफ की कमी है। सीमित संसाधनों में मरीजों का उपचार किया जा रहा है। डॉक्टर की नियुक्ति के लिए विभाग को पत्राचार किया गया है। - डॉ. नितिन चौधरी, चिकित्सा प्रभारी, निगोही

निगोही सीएचसी में एक्स-रे मशीन कक्ष पर लटका ताला। संवाद

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