बंडा(शाहजहांपुर)। शारदा नहर में डूबे सुखचैन सिंह का दूसरे दिन भी कोई पता नहीं चल सका। सुखचैन के परिवार के लोग अपने स्तर से तलाश करते रहे और कुछ रिश्तेदार गोताखोरों ने भी नहर में प्रयास किया लेकिन पानी अत्यधिक ठंडा होने के कारण गोताखोर ज्यादा देर तक नहर में नहीं रुक सके। उधर, पुलिस प्रशासन गोताखोरों की कोई व्यवस्था नहीं कर सका। परिवार के लोगों को पुलिस गोताखोर आने का आश्वासन ही देती रही।
गौरतलब है कि गांव ररुआ निवासी 40 वर्षीय सुखचैन सिंह 31 दिसंबर की शाम शारदा नहर के माइनर से फसल की सिंचाई करने के बाद कुलावा बंद करने गए थे। इस दौरान अचानक पैर फिसल जाने से वह नहर में गिर गए। आसपास के किसानों ने उनके घर सूचना दी तो परिवार में खलबली मच गई। परिवार के लोग गांव के तमाम लोगों के साथ मौके पर आए और देर रात तक तलाश की लेकिन सुखचैन का कोई पता नहीं चल सका।
मंगलवार को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ब्रज क्षेत्र के उपाध्यक्ष राजवीर सिंह बाठ मौके पर पहुंचे और सुखचैन के परिवार के लोगों को सांत्वना दी। उन्होंने एएसपी से गोताखोर भिजवाकर सुखचैन की तलाश कराए जाने की मांग की और नहर का पानी भी बंद कराए जाने के लिए संबंधित अधिकारियों को फोन किया। देर शाम तक कोई गोताखोर मौके पर नहीं पहुंचा। पुलिस केवल आश्वासन देती रही कि गोताखोर जिले से चल चुके हैं, कहीं कह दिया गया कि पुवायां पहुंच चुके हैं, लेकिन देर शाम तक गोताखोर पहुंचने की सूचना गलत साबित हुई।
सुखचैन के कुछ रिश्तेदार जो गोताखोरी जानते थे, उन्होंने नहर में तलाश की लेकिन पानी के अत्यधिक ठंडा होने के कारण वह ज्यादा देर तक नहर में नहीं रुक सके। देर शाम तक सुखचैन का कोई पता नहीं चल सका। इससे परिवार के लोगों का रो रोकर बजरा हाल है।