रोजा में तहसीलदार आशीष सक्सेना और चीनी मिल अधिकारियों के बीच होती वार्ता। संवाद
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रोजा। रोजा चीनी मिल में रविवार को एक ट्राॅली पर 1.20 क्विंटल गन्ना कम तौला गया। इसे लेकर किसानों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। जानकारी पाकर तहसीलदार सदर आशीष सक्सेना और रोजा सहकारी गन्ना विकास समिति के अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह मौके पर पहुंच गए और उन्होंने मिल गेट के कांटे की जांच कराई। तहसीलदार को गन्ना तौल में फर्क मिलने पर उन्होंने कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
गांव महोलिया निवासी राहुल गन्ने की तौल कराने चीनी मिल जा रहे थे। नुसरतपुर बाड़ी गांव के पास एक धर्मकांटा पर उन्होंने ट्राॅली की तौल करा ली, जो 121 क्विंटल हुई। बाद में वह ट्राॅली लेकर चीनी मिल के गेट नंबर तीन पर पहुंचे। वहां कांटे पर ट्राॅली का वजन 119.90 क्विंटल ही निकला। इस पर राहुल ने धर्म कांटे की पर्ची दिखाई और एक क्विंटल 20 किलो गन्ना कम तौले जाने का आरोप लगाते हुए अन्य किसानों के साथ हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर वहां पहुंचे तहसीलदार और गन्ना समिति के अध्यक्ष ने मिल के दूसरे कांटे पर तौल कराई तो धर्मकांटा की तुलना में 1.10 क्विंटल वजन कम निकला। बाद में तहसीलदार ने एक कंप्यूटराइज धर्मकांटे पर तौल कराई। वहां ट्राली का वजन 120.85 क्विंटल पाया गया। समिति के अध्यक्ष ने बताया कि रोजा मिल में गन्ने की घटतौली की किसानों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। तहसीलदार ने बताया कि उच्च अधिकारियों को घटतौली की जानकारी दे दी गई है और दोषियों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
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चीनी मिल में लगे कांटे बिल्कुल सही हैं। धर्मकांटे को चेक करने के लिए बांट भी रखे गए हैं। किसी भी समय बांट को रखकर कांटे को चेक किया जा सकता है। बाहर के धर्मकांटों पर कराई गई तौल विश्वसनीय नहीं है। इसलिए मिल प्रबंधन अपने कांटों की बाहर के धर्मकांटों से तुलना नहीं करता है।
-प्रवीण कुमार सिंह, गन्ना प्रबंधक, रोजा चीनी मिल