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शौचालय के टैंक में गिरकर बालक की मौत

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शौचालय के टैंक में गिरकर बालक की मौत
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अल्हागंज (शाहजहांपुर)। गांव रमापुर बझेड़ा में रविवार शाम शौचालय के टैंक में गिरकर नौ वर्षीय बालक की मौत हो गई। देर शाम उसका शव टैंक से बरामद कर सोमवार को पोस्टमार्टम कराया गया। घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम है।
गांव रमापुर बझेड़ा निवासी दिनेशपाल सिंह का नौ वर्षीय बेटा सनी गांव के बच्चों के साथ रविवार दोपहर घर के बाहर गेंद खेल रहा था। गेंद उसके मकान के दक्षिण में चचेरे ताऊ बलवीर सिंह के प्लाट में शौचालय के लिए बनाए गए टैंक के पास पहुंच गई। वहीं पर पतेल भी लगी थी। सनी गेंद उठाने चला गया और इधर बच्चे अपने-अपने घर को लौट गए। सनी पतेल के पास पहुंचा तो पैर फिसलने पर टैंक में गिर गया। जब देर शाम पांच बजे तक सनी घर नहीं पहुंचा, तब परिवार वालों को चिंता हुई और उसकी तलाश शुरू की। साथी बच्चों ने बताया कि उसे टैंक की तरफ पतेल के पास जाते देखा था। इस पर टैंक के पास तलाश शुरू हुई। टैंक में भरे पानी में बांस डालकर इधर-उधर हिलाया तो सनी का शव बांस से टकराने से बांस भारी हो गया, तब फिर सनी के शव को बाहर निकाला गया। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। थानाध्यक्ष अवनीश यादव ने बताया कि परिवार वालों की सूचना पर शव का पीएम कराया गया है, उन्हें किसी तरह का किसी पर कोई शक नहीं है। मृतक चार बहनों में इकलौता भाई था। वह गांव में कक्षा चार में पढ़ता था।
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चार बहनों में अकेला था सनी
शाहजहांपुर। अल्हागंज के गांव रमापुर बझेड़ा में शौचालय के टैंक में गिरने से सनी की मौत पर परिवार के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सबसे बुरा हाल मां सुमन और 11 वर्षीय बहन प्रियांशी का है। पिता दिनेशपाल को परिवार के लोग दिलासा देकर चुप करा रहे हैं।
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सनी की मौत ने पूरे परिवार को हिला कर रख दिया, वहीं गांव के लोगों की भी आंखे नम हो रहीं थीं क्योंकि सनी चार बहनों में अकेला था। सबसे बड़ी बहन प्रियांशी से सनी दूसरे नंबर का था। सात वर्ष की बहन रिंकी, पांच वर्ष की मीना और एक वर्ष की गुड्डी है। चार बेटियों के बीच अकेले सनी पर मां सुमन जान छिड़कती थी। जब बेटे का शव टैंक से निकाला गया तो सुमन बेहोश हो गई। होश में आने पर एक ही बात मुंह से निकल रही थी कि कोई मेरे लाल को लौटा दे। सनी अभी कक्षा चार में पढ़ता था लेकिन वह पढ़ने में अच्छा था, इसलिए परिवार के लोगों ने उसको लेकर अभी से सपने पा रखे थे लेकिन तरक्की के यह सपने एक ही झटके में दूर हो गए। सनी की मौत पर परिवार के लोगों को रोते देख महिलाएं चुप कराने की कोशिश कर रहीं थीं लेकिन परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
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