बंडा (शाहजहांपुर)। बंडा के गांव नवीनगर के पास 50 एकड़ के जंगल के टुकड़े के पास एक ओर बाघ तो दूसरी ओर बाघिन घूम रही है। भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून के विशेषज्ञों ने रविवार को इलाके में छानबीन पर पगमार्क के आधार पर यह घोषणा की है।
गौरतलब है कि बंडा के गांव नवीनगर, गहलुइया, नवदिया बंकी, शारदा नहर की पटरी सहित कई जगह पर बाघ देखे जाने से लोग दहशत में हैं। इन गांवों और आसपास झाले बनाकर रहने वाले बाघ की दहशत में शोर शराबा कर और घरों के पास आग जलाकर रात गुजारते हैं। दो दिन से एक बाघ गांव नवीनगर के पास देखा जा रहा है और उसने दो दिन में एक नीलगाय को मारने के साथ ही एक नीलगाय पर हमलाकर मारने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने शोर मचा कर बाघ को भगा दिया। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया तो अधिकारियों ने बाघ के घूमने के मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी थी।
रविवार को भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून के विशेषज्ञ सुभाकरण विश्वास और अन्नू वन दरोगा संजीव कुमार, वन रक्षक सत्यपाल सिंह, रामप्रसाद वर्मा, एसपी गौतम के साथ गांव नवीनगर के पास स्थित जंगल में पहुंचे और 50 एकड़ के जंगल के टुकड़े में कांबिग की। सुभाकरण विश्वास ने बताया कि जंगल से मिले पगमार्क से पता चला है कि यहां एक बाघ और बाघिन घूम रही है। जंगल की दूसरी तरफ भी कांबिग की जाएगी। दूसरे गांवों में बाघ देखे जाने की सूचना है, वहां भी जाकर जांच की जाएगी।
किसानों ने बताई समस्याएं
भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून के विशेषज्ञों के आने की जानकारी पर कई गांवों के किसान उनसे मिले और बताया कि बाघ की दहशत के कारण गन्ने आदि की छिलाई के लिए श्रमिक नहीं मिल रहे हैं, जिस कारण गन्ना खेतों में खड़ा है। श्रमिक खेतों की रखवाली से भी मना कर रहे हैं। मजबूरन किसानों को को अपने आप ही फसलों की सुरक्षा करनी पड़ रही है। इस दौरान बाघ का भय बना रहता है। लोगों ने बाघ को जंगल की ओर खदेड़े जाने की मांग की है।