फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेफ्टी ऑडिट में खामियां, रेल पथ विभाग निशाने पर

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
सेफ्टी ऑडिट में खामियां, निशाने पर रेल पथ विभाग
शाहजहांपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के चीफ सेफ्टी ऑफिसर बीआर विप्लवी के सेफ्टी ऑडिट में सबसे ज्यादा खामियां शाहजहांपुर और रोजा रेल सेक्शन में सामने आई हैं। निरीक्षण के दौरान ढीली पटरियां, प्वाइंट गैप, सिग्नल में खामियां, रेल क्रॉसिंग में कमियों समेत कई स्थानों पर बेहद कमजोर रेल ट्रैक भी मिला है। रोजा, शाहजहांपुर के साथ बरेली और मुरादाबाद में भी उन्होंने रनिंग रूट के निरीक्षण के बाद बुधवार मुरादाबाद मंडल के डीआरएम एके सिंघल समेत मंडल स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। देर रात तक चली बैठक में सीएसओ ने खामियों को बैठक में रखते हुए कहा कि यही कमियां रेल दुर्घटनाओं, डिरेलमेंट की वजह बनती हैं। मंडल स्तरीय बैठक में रोजा और शाहजहांपुर का रेल पथ विभाग सीएसओ के निशाने पर रहा।
पूर्वोत्तर रेलवे के सीएसओ मंगलवार को अपनी टीम के साथ शाहजहांपुर और रोजा में सेफ्टी ऑडिट को आए थे। दोनों स्थानों पर प्वाइंट, रेल ट्रैक, क्रॉसिंग, यार्ड आदि के निरीक्षण के दौरान उनको तमाम खामियां मिलीं। पीडब्ल्यूआई शाहजहांपुर और रोजा को उन्होंने फटकार भी लगाई। निरीक्षण के बाद वह बरेली रवाना हो गए। इससे पहले उन्होंने कहा कि निरीक्षण में मिलीं खामियों को वह डीआरएम समेत मंडल स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक में रखेंगे। बाद में ज्वाइंट सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट उत्तर रेलवे के मुख्यालय बड़ौदा हाउस भेजेंगे। डीआरएम एके सिंघल, एडीआरएम शरद श्रीवास्तव समेत मंडल स्तरीय अधिकारियों के साथ सीएसओ की बैठक बुधवार देर रात तक चली। बैठक के दौरान सबसे ज्यादा खामियां रेल पथ विभाग की सामने आईं।
विज्ञापन

बैठक में उन्होंने कई स्थानों पर बेहद कमजोर रेल ट्रैक होने की बात कही। इसे दुरुस्त कराने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि ट्रैक बेहद कमजोर है। निरीक्षण में रेल ट्रैक, प्वाइंट, रेल, क्रॉसिंग, सिग्नल आदि में कमियां मिली हैं। कई स्थानों पर प्वाइंट में गैप ज्यादा होने के साथ रेल पटरी ढीली पाई गई। रेल पथ, सिग्नल विभाग को कमियां जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए। रोजा और शाहजहांपुर रेल सेक्शन में तमाम कमियों को डीआरएम ने भी गंभीरता से लिया है।

शाहजहांपुर। सीएसओ के सेफ्टी ऑडिट से पहले व्यवस्थाओं को पूरी तरह से दुरुस्त करने के लिए रेलवे के इंजीनियरिंग, सिग्नल और रेलपथ विभाग ने कई दिन पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी। रेलवे के गैंग के साथ कांट्रेक्टर के लोग 24-24 घंटे काम में जुटे रहे। शाहजहांपुर से रोजा तक सभी रेल क्रॉसिंग को चमकाया गया। यार्ड में भी छोटी-छोटी कमियों को दूर किया गया। इसके बावजूद सेफ्टी ऑडिट में रोजा और शाहजहांपुर की स्थिति असंतोषजनक मिलने पर कई सवाल उठ रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि तैयारियों के नाम पर रेलवे के कई विभागों ने मोटा बजट भी खर्च किया।
विज्ञापन


सीएसओ के सेफ्टी ऑडिट में जो भी कमियां सामने आई हैं इनको प्राथमिकता के आधार पर दूर कराया जा रहा है। अगर किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। रेल ट्रैक पर पहले के मुकाबले मालगाड़ियों का दबाव बढ़ गया है। मुरादाबाद रेल मंडल में 450 किमी रेल ट्रैक बदला जाना है। करीब 120 किमी रेल ट्रैक बदलने का काम पूरा हो गया है।
- एके सिंघल, डीआरएम, मुरादाबाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें