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बुखार ने चार और लोगों की ली जान

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फोटो-31,जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़
बुखार ने चार और लोगों की ली जान
नहीं थम रहा मौतों का सिलसिला, स्वास्थ्य विभाग लाचार
खुटार में वृद्ध, सिंधौली में छह वर्षीय बालक और निगोही में दो की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। जिले में दिनों दिन बुखार की स्थिति भयावह होती जा रही है। मंगलवार को खुटार के मलिका गांव में वृद्ध, सिंधौली ब्लॉक के गांव पनबाड़ी में छह वर्षीय बालक और निगोही ब्लॉक के गांव भरतापुर में दो लोगों की मौत हो गई। इन गांवों में दर्जनों लोग बीमार हैं। गांव गांव दौड़ रहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम भी लाचार नजर आ रही है। अस्पताल में स्टाफ खुद को बुखार से बचाए रखने के लिए मास्क पहनकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। मंगलवार को भी जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित मरीजों की भीड़ रही। आलम यह था कि मरीजों को बेड भी नहीं मिल पा रहे थे। स्ट्रेचर पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है।

वृद्ध की मौत
खुटार। गांव मलिका निवासी 60 वर्षीय रामसरन चार दिन से बुखार से पीड़ित थे। मंगलवार को हालत ज्यादा खराब हुई तो रामसरन को खुटार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल के प्रभारी डॉ. संदीप वर्मा ने बुखार से मौत की जानकारी से इंकार किया है।
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बालक की गई जान, कई बीमार
सिधौंली/मुड़िया पमार। क्षेत्र के गांव पनवाड़ी में छोटे लल्ला अवस्थी के छह वर्षीय पुत्र अमन को मंगलवार सुबह तेज बुखार आ गया। इसके बाद परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल गए। अमन की उपचार के दौरान करीब एक बजे मृत्यु हो गई। कटौल गांव में तैनात एएनएम सुधा देवी ने स्वास्थ्य केंद्र पर रिपोर्ट करके बताया गया कि गांव में सविता पुत्री सेठपाल, दीपा पुत्री अरविंद, भानु पुत्र धर्मेंद्र, अनन्या पुत्री गुरविंदर व प्रियंका पत्नी मोहित बुखार से पीड़ित हैं। महिला कार्यकर्ती की रिपोर्ट पर डॉक्टर गौरव सक्सेना ने बताया कि बुधवार को गांव में शिविर लगाकर उपचार किया जाएगा। डॉ. सक्सेना ने यह भी बताया कि संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए चार टीमों का गठन किया गया है जिसमें डॉ. सलीम, डॉ. अंकिता यादव, डॉ. निर्मल इंदु, डॉ. राजेश कुमार के नेतृत्व में सभी टीमें गांव गांव जाकर रोगियों की जांच व उपचार करेंगी।
दो दिन में गई दो की जान, दर्जनों अब भी पीड़ित
निगोही। क्षेत्र के गांव भरतापुर निवासी 50 वर्षीय रीतिराम को आठ सितंबर को हल्का बुखार आया। उसने गांव के ही झोलाछाप से दवा ली लेकिन अगले दिन दोपहर बाद दो बजे तेज बुखार आया। बेटा बाइक पर बैठा कर खुदागंज चिकित्सक के पास पहुंचा लेकिन इलाज से पहले ही रीतिराम ने दम तोड़ दिया। इसी गांव की रहने वाली छेदालाल की पत्नी सावित्री को 7 सितंबर को रात में ठंड लगकर बुखार आया। सावित्री ने गांव से दवा ली लेकिन फायदा नहीं हुआ अगले दिन दोपहर 12 बजे सावित्री ने दम तोड़ दिया। इसी गांव के रहने वाले पूर्व प्रधान आरेंद्र की 12 वर्षीय किरन, रामचंद्र का पुत्र 10 वर्षीय पंकज बुखार से पीड़ित हैं। जांच में दोनों को डेंगू बताया जा रहा है। इसी गांव के 65 वर्षीय मोतीलाल, संतोषी, रजित, प्रीति, रेशपाल उनकी पत्नी मम्पीदेवी, नेत्रपाल उनकी पत्नी हीराकली, पुत्री कांतीदेवी, कुसुमा, राजेश्वरी, मंजू, बृजेश, नंदीदेवी, प्रमोद, जगदीश सहित दो सौ से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं। एक सप्ताह से चल रहे बुखार के पीड़ितों की स्वास्थ्य विभाग ने सुध नही ली है। इसके अलावा इस क्षेत्र के गांव सकतिया, चमरूआ, बरौरा, चकौरा, पिपरिया खुशाली में भी दर्जनों लोग बुखार से पीड़ित हैं।

कहेलिया में चार लोगों को संभावित डेंगू
सेहरामऊ दक्षिणी। क्षेत्र के कहेलिया में बुखार ने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर लोगों को दवाइयां दी व बचाव के लिए जागरूक किया।
प्रधान पति अमित वर्मा ने बताया कि गांव निवासी रामकिशोर, नन्हीं बिटिया, गोपेंद्र व आयुष आदि लोगों को डेंगू बुखार के लक्षण मालूम हुए तो इन्होंने शाहजहांपुर के चिकित्सालयों में जांच कराई। संभावित डेंगू के चलते चारों अलग-अलग प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती हैं जिनमें दो की हालत सही हो गई और दो अभी इलाज करा रहे हैं। प्रधान पति ने यह जानकारी स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी उस्मान खान को दी, तो उन्होंने अपनी टीम के साथ गांव का भ्रमण किया और लोगों को बीमारी से बचाव के लिए जागरूक किया।
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बुखार में बरतें सावधानियां
हल्का भोजन लें।
घर या मोहल्ले में पानी जमा न होने दें।
बुखार आने पर चिकित्सक की सलाह से दवा खाएं।
ज्यादा से ज्यादा फल व तरल पदार्थों का सेवन करे।
प्लेटलेटस कम होना जरूरी नहीं डेंगू ही हो कई बार बुखार से भी कम हो जाती हैं।
बुखार आने पर बजाय घबराने के चिकित्सक के पास आएं।
बुखार को लेकर सावधानी यह बरतने की जरूरत है कि दवा सरकारी अस्पताल से ही लें और डॉक्टर से उचित परामर्श से दवा का सेवन करें। टीमें अलग-अलग गांवों में स्वास्थ्य परीक्षण के साथ दवा वितरित कर रही हैं।
डॉ. आरपी रावत सीएमओ
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