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किशोरी का शव रखकर बंडा थाने का किया घेराव

Fri, 27 Jul 2018 12:40 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,शाहजहांपुर
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मंगलवार को गोमती नदी में मिले किशोरी के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद बृहस्पतिवार को परिवार के लोगों ने गांव के 50 से अधिक लोगों के साथ थाने पहुंचे और शव रख थाने का घेराव किया। वह लोग धोखा देकर गलत रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की जांच और दूसरी तहरीर पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
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गौरतलब है कि बंडा के एक गांव की 17 वर्षीय किशोरी सोमवार रात को घर से गायब हो गई थी। मंगलवार को पिता ने बंडा थाने पहुंचकर पुलिस को बताया था कि उसकी पुत्री रात एक बजे से लापता है। उधर, बंडा खुटार के बीच गोमती नदी के मझरिया घाट पर नदी में किशोरी का शव मिलने के बाद पुलिस ने शिनाख्त कराई तो शव गायब किशोरी का ही निकला था। खुटार पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। किशोरी के पिता ने गांव के ही एक किशोर को पुत्री का प्रेमी बताते हुए लड़की को बहला फुसलाकर ले जाने के आरोप में किशोर और उसके दो भाइयों पर अपहरण, हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बुधवार रात पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो अंतिम संस्कार नहीं किया गया। बृहस्पतिवार सुबह मृतका के परिवार के लोग गांव के 50-60 महिला पुरुषों के साथ बंडा थाने पहुंचे और शव रखकर थाने का घेराव किया।
एसओ तेजपाल सिंह ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बन सकी। सूचना पर खुटार पुलिस भी बंडा आ पहुंची। मृतका के पिता का आरोप था कि पुत्री का शव मिलने के बाद उसकी मानसिक स्थित ठीक नहीं थी। इसका फायदा उठाते हुए पुत्री के अपहरण, गैंगरेप और हत्या में शामिल एक फार्मर ने अपनी मनमाफिक तहरीर बनवा ली और उसका अंगूठी दस्तखत कराने के बाद रिपोर्ट दर्ज करा दी। दर्ज रिपोर्ट में लड़की के प्रेमी और उसके दो भाइयों का आरोपी बनाया गया है, जबकि घटना में फार्मर, उसके दो दोस्त और लड़की का प्रेमी शामिल है। पुत्री का मोबाइल भी फार्मर के ही पास है।
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लगभग तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने कार्रवाई की बात कहते हुए लोगों को शांत किया और पुलिस अभिरक्षा में शव को गांव ले जाकर अंतिम संस्कार करा दिया। खुटार एसओ राहुल सिंह ने बताया कि मृतका के पिता के नए आरोपों की बाबत जांच की जा रही है।

मृतका का मोबाइल कैसे पहुंचा फार्मर के पास
बंडा। जिस फार्मर को मृतका का पिता मुख्य आरोपी बता रहा है, उसके घर वह काफी समय तक मजदूरी कर चुका है। आरोप है कि मजदूरी के दौरान फार्मर उसके घर तक हस्तक्षेप रखता था। फार्मर ने एक बार उसकी पुत्री को पीटा भी था, लेकिन तब दबाव के कारण वह चुप रहा। पिता का सवाल था कि उसकी पुत्री का मोबाइल फार्मर के पास कैसे पहुंचा। फार्मर ने उसके पुत्र से मोबाइल वापस कर देने की बात भी कही थीं, लेकिन अभी तक मोबाइल नहीं दिया है। फार्मर ही मृतका के भाई को गोमती नदी में उस स्थान पर ले गया था, जहां शव पड़ा मलिा था।

बारिश के बाद भी थाने के गेट पर डटे रहे लोग
बंडा। थाने पर काफी देर तक हंगामा होने और पुलिस से वार्ता के बाद भी बात नहीं बनने पर पुलिस ने लाठियां फटकारी तो भीड़ शव को लेकर कुछ दूर चली गई, लेकिन बाद में पीछे हटने से इंकार कर दिया। मामला बढ़ न जाए, इस कारण पुलिस ने भी पैर पीछे खींच लिए। इस दौरान मौके पर तमाशबीनों की भी भारी भीड़ रही। बृहस्पतिवार सुबह से ही बारिश होने के बाद भी लोग थाने के गेट पर जमे रहे।
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