3.80 करोड़ की लागत से भवन तैयार, जल्द शिफ्टी होगी जीआईटीआई
अब तक रोजा जीआईटीआई भवन में लग रही थीं यहां की कक्षाएं
शाहजहांपुर। 10 सालों के इंतजार के बाद जलालाबाद में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का अपना भवन तैयार हो गया है। जल्द ही इस भवन में मशीनों व अन्य सामान की शिफ्टिंग कर दी जाएगी। इसके लिए स्टाफ की स्वीकृति भी विभाग से मिल गई है। रोजा जीआईटीआई के प्रधानाचार्य का कहना है कि एक माह में शिफ्टिंग प्रकिया पूरी हो जाएगी इसके बाद वहीं पर कक्षाएं लगेंगी।
जिले में तीन राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (जीआईटीआई) हैं। लेकिन अपना भवन न होने के कारण कई वर्षो से जलालाबाद और पुवायां के संस्थान भी रोजा स्थित प्रशिक्षण संस्थान में ही चल रहे थे। इस कारण जलालाबाद और पुवायां के प्रशिक्षणार्थियों को लंबी दूरी तय कर यहां आना पड़ता था। विभागीय की ओर से करीब 10 साल पहले जलालाबाद में संस्थान खोलने का 3.80 करोड़ प्रस्ताव शासन को गया था इसकी मंजूरी मिलने के बाद धीमी गति से काम शुरू हुआ। भवन तो तैयार हो गया लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए करीब 150 मीटर सड़क नहीं बन सकी है।
जलालाबाद जीआईटीआई को उसके नए भवन में शिफ्ट करने की तैयारी तेज हो गई है। प्रधानाचार्य राम प्रकाश के मुताबिक जलालाबाद जीआईटीआई के लिए शासन ने कुल सृजित स्टाफ में 50 प्रतिशत स्टाफ को भी स्वीकृति दे दी है। जल्द ही मशीनों को जलालाबाद में बने नए भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि मशीनों को सुरक्षित शिफ्ट करना काफी कठिन होगा। अगले एक महीने में जलालाबाद जीआईटीआई अपने भवन में शुरू होने के साथ ही 12 ट्रेड व 24 कोर्स शुरू हो जाएंगे।
महिंद्रा एंड महिंद्रा से जल्द होगा बड़ा अनुबंध
-जीआईटीआई का ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा से जल्द बड़ा अनुबंध होने जा रहा है। इसके लिए उच्च स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने आईटीआई के लिए यह अनुबंध ऑफर किया था। अनुबंध के तहत महिंद्रा एंड महिंद्रा की ओर से जीआईटीआई रोजा को विभिन्न उपकरण मुहैया कराए जाएंगे। इसके साथ ही यहां ऑटोमोबाइल संबंधी कोर्स भी शुरू हो जाएंगे। इससे पहले रिलायंस पॉवर की ओर से भी आईटीआई के कायाकल्प को कई मशीने उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। महिंद्रा एंड महिंद्रा से अनुबंध होने के बाद काफी सुधार होने की उम्मीद है।
अधर में लटका पुवायां जीआईटीआई का निर्माण
-पुवायां आईटीआई के पास भी अपना भवन नहीं है। यहां की कक्षाएं भी रोजा आईटीआई में चल रही थीं। पुवायां में जीआईटीआई भवन निर्माण का जिम्मा कार्यदायी संस्था पैक्सफेड को दिया गया था। कार्यदायी संस्था ने भवन निर्माण शुरू भी कर दिया। बाद में पैक्सफेड के विवादों में फंसने की वजह से भवन निर्माण रुक गया। करीब दो साल से भवन निर्माण रुका हुआ है।
250 मीटर की रोड बनेगी परेशानी का सबब
जलालाबाद में आईटीआई के नए भवन तक जाने वाली रोड का करीब 250 मीटर का टुकड़ा काफी खराब है। यहां कच्ची चकरोड है। अगर मशीनों को जलालाबाद में बने नए भवन में शिफ्ट किया जाता है तो काफी परेशानी होगी। इसके साथ ही आईटीआई आने वाले छात्र-छात्राओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। बारिश के दिनों में परेशानी ज्यादा बढ़ जाएगी। गौर करने वाली बात यह है कि 3.80 करोड़ रुपये की लागत से भवन निर्माण करा दिया गया, लेकिन अब तक किसी का ध्यान 250 मीटर की रोड पर नहीं गया है।
करीब 10 साल से जलालाबाद आईटीआई का संचालन रोजा जीआईटीआई से ही हो रहा है। जलालाबाद में जीआईटीआई का भवन बनकर तैयार हो गया है। जल्द ही जलालाबाद जीआईटीआई को नए भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा। महिंद्रा एंड महिंद्रा से अनुबंध की बात उच्च स्तर पर चल रही है। इसे भी जल्द अंतिम रूप मिलने की उम्मीद है।-राम प्रकाश, प्रधानाचार्य जीआईटीआई