कई टेलीग्राम ग्रुपों से जुड़ा है आरोपी
पुलिस की पूछताछ में गैंग के तार हांगकांग और सिंगापुर से जुड़े होने का तथ्य मिला है। एजेंटों के जरिये मिले खातों में विदेशों में बैठे साइबर ठग बटोरी गई धनराशि को इन एजेंटों के खातों में डलवाते थे। राजा सेन ने पुलिस को बताया कि वह विभिन्न टेलीग्राम ग्रुप में जुड़ा है। इन ग्रुप में हाई लिमिट के करंट व कॉर्पोरेट अकाउंट्स की मांग की जाती है। इन ग्रुपों में गूगल ट्रांसलेटर की सहायता से हिंदी को अंग्रेजी व अन्य भाषाओं में अनुवाद कर बात करता था। हाई लिमिट के करंट-कॉर्पोरेट खाते अपने साथियों से प्राप्त करके टेलीग्राम ग्रुप में साझा करता था।
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सीओ अपराध प्रवीण मलिक ने बताया कि खातों में लेनदेन की गई धनराशि के प्रतिशत के आधार पर क्रिप्टो वॉलेट में यूएसडीटी के रूप में राजा सेन को भुगतान मिलता था। इसे अपने साथियों के साथ बांट लेता था। उसके पास से मोबाइल, दो डेबिट कार्ड, 2150 रुपये व चार सिम बरामद हुए हैं।
यह हुई थी घटना
छह मई से 15 मई तक शरद चंद्र सक्सेना को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट रखा था। सेंट्रल बैंक मुंबई से दो करोड़ की धोखाधड़ी का केस होने पर सीबीआई और जस्टिस खन्ना की पेशी के नाम पर एक करोड़ 47 लाख रुपये की ठगी की गई थी। ठगों ने व्हाट्सएप पर जमानत के प्रपत्र भेजने के बाद मोबाइल बंद कर लिया। फिर फिनटेक फ्रॉड टीम ने यह रकम नौ लेयर में 40 बैंक खातों में ट्रांसफर की। इसमें हाई लिमिट के करंट-कॉर्पोरेट अकाउंट्स को मूल खातों के तौर पर प्रयोग किया था।
दसवीं पास राजा सेन अपनी दुकान से ही आया ठगों के संपर्क में
21 साल का राजा सेन दसवीं पास है। वह घर के नजदीक ही सैलून चलाता था। वह दुकान पर आने वाले साइबर ठगों के संपर्क में आया तो उसने मोटी रकम कमाने के लिए गलत रास्ता अपना लिया। मोबाइल का अच्छा जानकार होने का फायदा उठाकर उसने एजेंटों का गिरोह तैयार कर लिया। एजेंटों के जरिये भोले-भाले लोगों को कुछ रुपये देकर खाता नंबर लेकर गैंग को उपलब्ध कराता था। राजा व उसका गैंग दो से दस प्रतिशत तक कमीशन के लिए काम करता था। उसने तीन से चार घटनाओं में शामिल होना बताया है।