हर सोमवार को लगता है मेला
सोमवार को भोले बाबा का दिन माना जाता है। इस वजह से हर सोमवार यहां पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं। आसपास प्रसाद आदि की दुकानें लगाए जाने से लगभग दो किलोमीटर स्थान क्षेत्र मेला क्षेत्र बन जाता है। लोग यहां खरीदारी भी करते हैं। मंदिर में महिलाओं-पुरुषों के लिए अलग-अलग लाइन लगती है। मंदिर के एक ओर से प्रवेश दिया जाता है और दूसरी ओर से निकास की व्यवस्था है।
सावन के सोमवार को मुश्किल से मिलते हैं दर्शन
वैसे तो सावन भर मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं लेकिन सोमवार को श्रद्धालुओं का रेला उमड़ता है। सुबह चार बजे से ही करीब दो किलोमीटर लंबी लाइन लग जाती है। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद महिला-पुरुष श्रद्धालु शिवलिंग पर जलाभिषेक कर पाते हैं। इसके बावजूद उनका उत्साह कम नहीं होता। तमाम श्रद्धालु सावन के हर सोमवार को घंटों लाइन में लगकर भोले बाबा के दर्शन पाते हैं।
त्रिलोकीनाथ पर श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास
मंदिर के संस्थापक विजय जी महाराज आठ वर्ष की आयु से शिवभक्ति में लीन रहे। उन्होंने बताया कि त्रिलोकीनाथ धाम पर श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास है। मनोकामना लेकर आने वाले श्रद्धालु यहां से खाली हाथ नहीं लौटते हैं। इसी वजह से मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं में इतनी गहरी आस्था है। उन्होंने निगोही में अपने पैतृक गांव उदारा और जलालाबाद के लहरावल गांव में भी भोलेनाथ के मंदिर का निर्माण करा रहे हैं।