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Shahjahanpur News: 10.16 करोड़ से ददरौल क्षेत्र में गर्रा नदी पर दो जगह बनेंगे तटबंध

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ददरौल  क्षेत्र के चांदापुर गांव के पास गर्रा नदी से हुआ भूमि कटान। फाइल फोटो
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कुर्रियाकलां। हर साल गर्रा नदी की बाढ़ से तबाही का सामना करने वाले ददरौल विधानसभा क्षेत्र के करीब दो दर्जन गांवों को बाढ़ से स्थायी निजात दिलाने के लिए 10.16 करोड़ रुपये की लागत से दो स्थानों पर पक्के तटबंध जल्द बनाए जाएंगे। इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक अरविंद कुमार सिंह के भेजे गए दो प्रस्तावों को प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मंजूरी दे दी है।
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गर्रा की बाढ़ हर साल जनपद के कटरा-खुदागंज ब्लॉक से लेकर भावलखेड़ा और ददराैल ब्लॉक में करीब पांच दर्जन गांवों के लिए तबाही लाती है। इनमें से करीब दो दर्जन से ज्यादा गांव ददरौल ब्लॉक के हैं। इधर पिछले दो-तीन वर्ष से गर्रा में बाढ़ विकराल रूप ले रही है।
दो वर्ष पहले गर्रा खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने पर करीब आधा दर्जन से अधिक गांवों के कई घर बह गए और तमाम मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। बाढ़ उतरने के बाद प्रभावित गांवों का जायजा लेने आए प्रदेश के तत्कालीन लोनिवि मंत्री (अब केंद्रीय राज्यमंत्री) जितिन प्रसाद से ग्रामीणों ने बाढ़ की राेकथाम के लिए पक्के तटबंध बनवाने की गुहार लगाई थी।
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मंत्री ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को इसके लिए बाढ़ बचाव परियोजनाएं बनाने के निर्देश भी दिए, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से बाढ़ बचाव की परियोजनाएं धरातल पर नहीं उतर सकीं। इसीलिए क्षेत्रीय विधायक ने अपने स्तर से बाढ़ प्रभावित गांवों के पास तटबंध बनाने के तीन प्रस्ताव शासन तक पहुंचाए।
विधायक ने बताया कि एक तटबंध गर्रा नदी के दाईं ओर शहबाजपुर और सरौरा-सरौरी गांव के पास 6.18 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा। इसी तरह बाढ़ बचाव की दूसरी परियोजना के तहत चांदापुर और बरकतपुर गांव के समीप तटबंध स्वीकृत हुआ है। इसके निर्माण पर 3.98 करोड़ रुपये लागत आएगी।


तटबंध बनने से इन गांवों में थमेगा भूमि कटान, रुकेगा पलायन
दोनों तटबंध बनने से शहबाजपुर, दनियापुर, सरौरा, चांदापुर, बरकतपुर, नौगवां, बबक्करपुर, साहबगंज, पसगवां आदि कई गांवों के लोगों को हर साल बाढ़ की आपदा और उससे होने वाले नुकसान से राहत मिलेगी। ग्रामीण भी मानते हैं कि इन परियोजनाओं से कई गांवों की खेती योग्य भूमि का बाढ़ से कटान थमेगा। जमीनें कटने से जो परिवार गांव छोड़कर जा रहे थे, उनका पलायन भी रुक जाएगा।
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