जौनपुर से लौटी पुलिस टीम, नहीं मिले कृषि उपनिदेशक
रोजा (शाहजहांपुर)। नकलूप ऑपरेटर रामबहादुर को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में नामजद जिला कृषि उपनिदेशक की गिरफ्तारी को जौनपुर गई टीम खाली लौट आई है। जौनपुर में कई संदिग्ध स्थानों पर दबिश देने के बाद भी उनका पता नहीं लगा। इधर कार्यालय से जुड़े कर्मचारियों ने गुपचुप तरीके से कुछ जरूरी दस्तावेज गायब किए का शक जाहिर किया हैं। वहीं मामले की विवेचना कर रहे सीओ सदर प्रताड़ित किए जाने की मुख्य वजह तलाश रहे हैं।
बता दें कि निगोही के गांव घुसगवां निवासी कृषि विभाग में नलकूप ऑपरेटर रामबहादुर ने 18 दिसंबर को लोधीपुर में लालपुल के पास ट्रेन से कटकर जान दे दी थी। उसने हाथ पर लिखा था कि साहब परेशान करते हैं। वहीं घर वालों ने भी आरोप लगाया था कि जिला कृषि उपनिदेशक रामबहादुर को परेशान करते थे, छुट्टी नहीं देते थे और घरेलू काम करवाते थे। घटना में आरोपी उपनिदेशक की घटना वाले दिन रात करीब 10 बजे आखिरी लोकेशन जौनपुर में रामनगर में मिली। इसके बाद से लोकेशन का पता नहीं चला। आखिरी लोकेशन पर ही पुलिस ने जौनपुर में उनकी तलाश में दबिशें दी लेकिन उनका पता नहीं चला। इधर, मामले की विवेचना कर रहे सीओ सदर बल्देव सिंह खनेड़ा ने बताया कि मामले की जांच चल रही है, परिवार के लोगों के बयान हुए हैं।