प्रदेश के पूर्व उप मंत्री एवं कांग्रेस नेता रूपराम दिनकर का निधन
शाहजहांपुर। पुवायां विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चार बार विधायक चुने जाने के साथ प्रदेश मंत्रिमंडल में आबकारी उप मंत्री रहे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता 81 वर्षीय रूपराम दिनकर का लंबी बीमारी के बाद शनिवार को दोपहर बाद लखनऊ स्थित संजय गांधी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में निधन हो गया।
उनके निधन की सूचना मिलते ही कांग्रेस खेमे में शोक की लहर दौड़ गई। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद समेत विभिन्न दलों से जुड़े कई नेताओं ने उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। रविवार को दोपहर खन्नौत मोक्ष धाम परिसर में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। वह अपने पीछे पत्नी माया दिनकर समेत दो बेटों और दो विवाहित बेटियों का भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। भाजपा नेता एवं पूर्व एमएलसी जयेश प्रसाद ने उनके आवास पर जाकर परिवार जनों को ढांढस बंधाया और उनके पुत्र सुबोध दिनकर से मोबाइल पर बात कर संवेदना व्यक्त की।
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बड़े भाई के निधन के बाद सक्रिय राजनीति में आए रूपराम
जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र दीक्षित ने बताया कि पुवायां विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट घोषित होने पर कांग्रेस के टिकट पर कन्हई लाल चुनाव जीतते थे। उनके आकस्मिक निधन के बाद पार्टी नेतृत्व ने उनके छोटे भाई रूपराम दिनकर को कांग्रेस प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतारा। हालांकि, उस वक्त वह परिवहन निगम में चालक पद पर नियुक्त थे, लेकिन पार्टी के दिग्गज नेता जितेंद्र प्रसाद उर्फ बाबा साहब के समझाने पर राजनीति में आए तो पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह चार बार पुवायां सीट से विधायक बने और इस बीच श्रीपति मिश्र सरकार में आबकारी उपमंत्री बनाए गए। बाद में पुवायां विधानसभा सीट से टिकट कटने पर उन्होंने पत्नी माया दिनकर को निर्दलीय चुनाव लड़ाया, लेकिन कांग्रेस से नाता नहीं तोड़ा। माया दिनकर यह चुनाव कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी चेतराम से महज 498 वोटों के अंतर से हार गई थीं।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष कौशल मिश्रा,पूर्व जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र दीक्षित, महानगर अध्यक्ष तसनीम अली खां, मुजीबउररहमान खां, शाहिद अनवर कुरैशी, अश्विनी द्विवेदी, राकेश मिश्रा, जगदीश कुशवाहा, रजनीश गुप्ता, फुरकान अहमद कुरैशी आदि ने श्रद्धांजलि दी।