छुआछूत के विरोधी थे संत गाडगे
शाहजहांपुर। कबीरपंथी विचारधारा के समाज सुधारक संत गाडगे के परिनिर्वाण दिवस पर विभिन्न संगठनों ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उनका भावपूर्ण स्मरण किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि संत गाडगे छुआछूत के विरोधी और स्वच्छता के प्रथम पथ प्रदर्शक थे तथा उन्होंने समाज को अंध विश्वास, आडंबर आदि बुराइयों से दूर रहने को प्रेरित किया।
बिसरात रोड स्थित गाडगे पैलेस में संत गाडगे सेवा संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम मेें श्रद्धांजलि देते हुए मुख्य अतिथि बसपा के जिला अध्यक्ष खेमकरन लाल गौतम ने कहा कि संत गाडगे की शिक्षाओं को जीवन में ढालकर सामाजिक समरसता को हासिल किया जा सकता है। अध्यक्षता करते हुए रामभरोसे लाल ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए गाडगे जी के सिद्धांतों को अपनाना होगा। आयोजक रामलड़ैते कनौजिया के संचालन में हुए कार्यक्रम मेें विनोद दिवाकर, किशन लाल चौधरी, विनोद कनौजिया, ओमकार सक्सेना, रघुनंदन प्रसाद आदि मौजूद रहे।
पंचशील सोशल वेलफेयर सोसाइटी की ओर से एसपी हिंदू इंटर कॉलेज में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में गाडगे जन कल्याण परिषद के रक्षपाल सिंह ने कहा कि संत गाडगे ने स्वच्छता की सबसे पहले राह दिखाई। इस मौके पर संजय कपूर, राम सिंह, हरिओम, ज्वाला प्रसाद, कमल किशोर आदि मौजूद रहे। लोधीपुर के गाडगे भवन में जन कल्याण समिति की श्रद्धांजलि सभा में डॉ. दोदराम वर्मा ने उन्हें निष्काम कर्म एवं निस्वार्थ सेवा की प्रतिमूर्ति बताया। डॉ. कन्हैया लाल, वीपी सिंह, विमला वर्मा, प्रेमवती, रचना तिवारी, सुखवीर सिंह, श्रीनिवास माथुर आदि कार्यक्रम मेें शामिल रहे।