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उफनाई गंगा-रामगंगा से तटवर्ती गांवों में बाढ़ का कहर
नदियां घटने से पहले नरौरा बैराज से 1.99 लाख क्यूसेक पानी रिलीज
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। गंगा-रामगंगा के उफान में कमी आने के बजाय दोनों नदियों का जल स्तर स्थिर रहने से जलालाबाद और कलान क्षेत्र के पांच दर्जन से अधिक तटवर्ती गांवों में बाढ़ का कहर बढ़ गया है। बीते 24 घंटे से भैंसार बांध पर गंगा 143.15 मीटर पर है और इस वजह से रामगंगा का पानी भी तमाम गांवों को ठोकरें मारते हुए वहां की उपजाऊ जमीनें काट रहा है। संपर्क मार्ग पानी में कई फिट तक डूबे होने से प्रभावित लोगों तक राहत सहायता पहुंचाना कठिन हो रहा है। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को मिलीं सूचनाओं के अनुसार नरौरा बैराज से गंगा में 1.99 लाख क्यूसेक पानी रिलीज हो रहा है जबकि अन्य बैराजों से निकले 31 हजार क्यूसेक पानी से नदियां सामान्य होने के फिलहाल कोई संकेत नहीं हैं।
याकूबपुर तिराहा से लेकर रैपुरा की बस्ती तक पहुंचा पानी
जलालाबाद। क्षेत्र में रामगंगा और बहगुल की बाढ़ से घिरे गांवों के हालात बदतर हो गए हैं। वहां पीने के पानी का भारी संकट पैदा हो गया है। यही नहीं, बीमारों और बुजुर्गो की देखभाल से लेकर मवेशियों के लिए चारा जुटा पाना कठिन हो गया है। हालांकि प्रशासन जल स्तर बढने से इंकार कर रहा है, लेकिन बाढ़ का पानी नगर से कुछ सौ मीटर दूर याकूबुपर तिराहे के पास तक दस्तक दे चुका है। कटरी इलाके में कोला पुल के समीप सिठौली, बीघापुर, नवादा, मझरा आदि गांवों की निचली बस्ती में पिछले कई दिनों से पानी भरा है। ऐलमनगर, कटरिया, रैपुरा, कोला कसारी आदि गांव भी पानी से घिर गए हैं। तहसीलदार इरफान उल्ला खां ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवो में दवाओं समेत ग्रामीणों की जरूरत की अन्य सामग्री का लगातार वितरण कराया जा रहा है।
चौरा-भगवानपुर मार्ग पर पानी बढने से ठहर गया जनजीवन
मिर्जापुर। नदियों में उफान बरकरार रहने से क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में बाढ़ से हालात लगातार खराब हो रहे हैं। चारों ओर पानी से घिरे इस्लामनगर, आजादनगर, पंखिया नगला, कमथरी, चितौर आदि गांवों तक पहुंचना संभव नहीं रहा। अभी तक इन सभी गावों में पहुंचने के लिए ढाई घाट मार्ग से जुड़े चौरा-भगवानपुर लिंक रोड बचा था, लेकिन मंगलवार को सुबह इस मार्ग पर चौरा गांव से करीब 200 मीटर आगे रोड पर पानी बढ़कर लगभग ढाई फिट हो गया है। नतीजे में करीब आधा दर्जन से अधिक गांवों का जनजीवन ठहर गया है।
बाढ़ की भेंट चढ़ी मिर्जापुर-कुंडरी मार्ग की पुलिया
रामगंगा के तटवर्ती इलाके परौर और उसके आसपास के गांवों में बाढ़ का तांडव बढने से ग्रामीण बेहद भयभीत हैं। परौर के मझरा मोहनपुर और बिचपुरी से रामगंगा का फासला लगातार कम हो रहा है। मिर्जापुर-कुंडरी मार्ग की पुलिया बाढ़ के तेज बहाव की भेंट चढ़ गई है। इस कारण करीब एक दर्जन से अधिक गांवों का आवागमन ठप हो गया है। इस बीच, मंगलवार को सुबह विधायक वीर विक्रम सिंह प्रिंस और नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के प्रतिनिधि रमाकांत मिश्र ने बाढ़ प्रभावित कुंडरी, गहवरा, कुनिया नौवाबाद, कुंडरी आश्रम, कुंडरिया आदि गावों का भ्रमण कर पीड़ित परिवारों का दुखदर्द सुना और उन्हें शासन-प्रशासन से हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। इस दौरान सर्वेश शुक्ला, राजीव सिंह, रवींद्र सिंह, जगवीर सिंह आदि विधायक के साथ रहे।
जैतीपुर क्षेत्र के गांव जगत में बहगुल ने तेज किया कटान
जैतीपुर। क्षेत्र के गांव जगत में बहगुल नदी तेजी से भूमि कटान करती जा रही है। कटान होने से गांव के परिवार संकट में हैं। इससे पूर्व भी कटान से भयभीत चार घरों के लोग पलायन कर चुके हैं। ग्रामीणों ने कटान की सूचना उच्चाधिकारियों को दी है लेकिन अभी तक कोई भी अधिकारी गांव नहीं पहुंचा है। गांव के महेश, अजीत राम, जोगिंदर, शैलेंद्र मेहरबान आदि के घर नदी में समा चुके हैं। भारी वर्षा और बहगुल नदी के लगातार कटान से सुरेश पुत्र रामभरोसे का परिवार संकट में है। बरसात से कच्ची छप्पर पड़ी दीवार नदी में समा गई। ग्राम प्रधान राम सागर ने बताया पीड़ित परिवार को सरकार की मंशा के अनुरूप आवास बनाने को ईंट और अन्य सामग्री उसके घर पहुंचा दी गई है, लेकिन कटान के कारण उसके पास जमीन नहीं बची है। गांव के रिंकू यादव, जगपाल सिंह, जोगिंदर सिंह, कल्लू सिंह आदि ने अधिकारियों से मदद की गुहार की है।