फोटो-21,बंडा में पेड़ से टकराई पलिया के सुधीर गुप्ता की कार
फोटो-22,सुधीर गुप्ता का फाइल फोटो
फोटो-23,ज्योति प्रसाद गुप्ता का फाइल फोटो
पेड़ से टकराई कार, पलिया के दो सराफा व्यापारियों की मौत
बरेली से खरीदारी कर जा रहे थे घर, मचा कोहराम
रात में एक से दो बजे के बीच हुआ हादसा, सुबह मिली जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
बंडा (शाहजहांपुर)।
बरेली से खरीददारी कर घर वापस जा रहे पलिया के दो सराफा व्यापारी की कार बंडा में पेड़ से टकरा जाने से उसमें बैठे दो व्यापारियों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा रात एक से दो बजे के बीच हुआ, लेकिन जानकारी सुबह मिल सकी। सूचना से मृतकों के घर कोहराम मचा हुआ है।
पलिया के मोहल्ला मेहरान निवासी 48 वर्षीय सुधीर गुप्ता अपने साथी मोहल्ला बाजार द्वितीय निवासी 52 वर्षीय ज्योति प्रसाद गुप्ता के साथ खरीदारी करने बरेली गए थे। दोनों लोग सराफा और कपड़े की दुकान करते हैं। कार सुधीर की थी और वह खुद ही कार चला रहे थे। रविवार रात दस बजे सुधीर की पत्नी शिखा गुप्ता ने उन्हें मोबाइल पर काल की तो सुधीर ने बताया कि वह लोग बीसलपुर आ चुके हैं और खाना खाने के बाद घर के लिए चलेंगे। रात दो बजे तक दोनों व्यापारी घर नहीं पहुुंचे तो शिखा ने रात तीन बजे से कई बार पति को काल किया, लेकिन हर बार मोबाइल स्विच आफ बताता रहा। इसके बाद शिखा ने खुटार में रहने वाले अपने रिश्तेदार रामसवेक गुप्ता, दिनेश गुप्ता आदि को सूचना दी। खुटार के लोग तलाश करते हुए बंडा पहुंचे तो सुधीर की कार बंडा कस्बे में बिलसंडा रोड पर पेड़ से टकराई हुई मिली।
सुधीर और ज्योति प्रसाद के शव कार में ही फंसे हुए थे। रिश्तेदारों ने कार में रखा सामान कब्जे में लेने के साथ ही पुलिस को हादसे की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में ले लिया। सूचना मृतकों के घर पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोग रोते बिलखते बंडा पहुंचे। एसओ तेजवीर सिंह ने बताया कि दोनों शव पोस्टमार्टम को भेजे गए हैं।
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नींद के कारण हादसा होने का अनुमान
बंडा। पुलिस का अनुमान है कि बीसलपुर से खाना खाकर चलने के बाद सुधीर और ज्योति प्रसाद जब बंडा पहुंचे होंगे तो एक से दो बजे राम का समय रहा होगा। ज्यादा रात होने के कारण कार चला रहे सुधीर को नींद आ गई होगी और कार पेड़ से टकरा जाने के कारण हादसा हो गया।
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आखिर कहां रही गश्ती पुलिस
0 हादसे के बाद इलाज मिल जाता तो बच सकती थी जान
अमर उजाला ब्यूरो
बंडा।
सुधीर ने पत्नी शिखा से रात में 10 बजे बात की थी, उस समय वह बीसलपुर में थे। खाना खाने के बाद लगभग 12 बजे उनके बीसलपुर से रवाना होने का अनुमान है। बीसलपुर से बंडा की दूरी 30 किमी है। रोड की हालत बहुत ठीक नहीं है। ऐसे में सुधीर और ज्योति प्रसाद एक से दो बजे के बीच बंडा पहुंचे होंगे और इसी समय के लगभग उनकी कार पेड़ से टकराई होगी।
बंडा के मुख्य चौराहे से मात्र 500 मीटर दूर कार के पेड़ से टकराने पर तेज धमाका हुआ होगा, पुलिस ने नहीं सुना और कार में सवार लोगों को कोई मदद नहीं मिल सकी। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर गश्ती पुलिस कहां रही और लगभग चार से पांच घंटे तक भी बिलसंडा रोड पर दुर्घटनाग्रस्त कार का पुलिस को पता क्यों नहीं चल सका। लोगों का कहना था कि यदि कार सवार लोगों को घटना के तत्काल बाद इलाज की सुविधा मिल गई होती तो हो सकता है कि उनकी जान बच जाती।
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गहरे दोस्त थे सुधीर और ज्योति प्रसाद
0 साथ ही जाते थे खरीददारी करने
बंडा। सुधीर गुप्ता और ज्योति प्रसाद के बीच गहरी दोस्ती थी और जेवर, कपड़ा आदि खरीदने से लिए दोनों साथ ही बरेली जाते थे। रविवार को भी दोनों कार से बरेली गए थे, लेकिन वापस घर नहीं पहुंचे सके और दोनों ने एक साथ ही प्राण त्याग दिए। सुधीर अपने पीछे पुत्री शिखा गुप्ता, पुत्र दीपांशु और विनायक को छोड़ गए हैं, जबकि ज्योति प्रसाद अपनी पुत्री की शादी कर चुके हैं और अपने पीछे पत्नी रिंकी गुप्ता, पुत्र ओशान को छोड़ गए हैं।