शाहजहांपुर। मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए कृषि विभाग जिले की 300 ग्राम पंचायतों में प्रत्येक से मिट्टी के सौ-सौ नमूने लेगा। इसकी जांच बरेली लैब में कराई जाएगी। इसके बाद मृदा में पोषण तत्वों की पूर्ति के लिए किसानों को उर्वरक आदि डालने के तरीके बताए जाएंगे।
खरीफ सीजन में 210 ग्राम पंचायतों में प्रयोग किया जाएगा। मिट्टी में कम पोषक तत्व मिलने पर किसानों का मृदा परीक्षण कार्ड बनाया जाएगा, जिन किसानों के खेतों में उर्वरा शक्ति में पोषक तत्व कम पाए जाएंगे, उनको उर्वरक और कौन सी खाद कितनी मात्रा में डालनी है, इसके तरीके बताए जाएंगे। रबी के सीजन में 90 ग्राम पंचायतों में भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
मृदा परीक्षण की रिपोर्ट आने के बाद जांच की जाने वाली प्रत्येक ग्राम पंचायतों में 100-100 किसानों को 0.4 हेक्टेयर भूमि के लिए दो-दो हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसमें 1500 रुपये उर्वरक एवं कार्बनिक खाद के लिए, 250 रुपये जैव उर्वरक के लिए, सूक्ष्म पोषक तत्व के लिए 250 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। साथ ही दो ग्राम पंचायतों पर प्रयोगशाला स्थापित करने का भी लक्ष्य दिया गया है।
मृदा की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए जिले में 300 ग्राम पंचायतों में 30 हजार मिट्टी के नमूने लेने का लक्ष्य मिला है। खरीफ सीजन के नमूने लेने का कार्य शुरू हो गया है। इसका उद्देश्य किसान की उपज बढ़ना है।
- धीरेंद्र सिंह, उपकृषि निदेशक