धनघटा। हैंसर बाजार ब्लॉक कार्यालय में इन दिनों सन्नाटा पसरा रहता है। समय से पहले यहां कर्मी कुर्सी छोड़कर अपने घर के लिए रवाना हो जाते हैं। इससे ब्लऍक पर आने वाले जरूरतमंदों को मायूस लौटना पड़ता है। जरूरी कार्य से आने वाले प्रधानों को भी बैरंग लौटना पड़ा रहा है।
शुक्रवार को दोपहर बाद ब्लाॅक परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। दोपहर बाद लगभग तीन बजे ब्लाॅक के कई कर्मी चले गए। इस बीच परिवार रजिस्टर निकालने पहुंचे दुघरा निवासी जयप्रकाश ने बताया कि ब्लाॅक में सचिव नहीं मिले, जिससे परिवार रजिस्टर की नकल नहीं मिल पाई।
वहीं रामपुर निवासी हरिहर प्रसाद मृत्यु प्रमाणपत्र लेने के लिए ब्लाॅक में भटकते रहे, लेकिन वह भी संबंधित अधिकारी के न रहने के कारण लौटने को मजबूर हुए। क्षेत्र के मौर, रामपुर, गायघाट के ग्राम प्रधान भी ब्लाॅक परिसर में मनरेगा कार्य के लिए बीडीओ को खोजते रहे। लोगों ने बताया कि विकास कार्यों से संबंधित जरूरी फाइलें और भुगतान संबंधी मामलों का निस्तारण समय पर नहीं हो पा रहा है, जिससे गांवों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
प्रधानों ने आरोप लगाया कि मनरेगा, पंचायत भवन निर्माण, सड़क मरम्मत और अन्य योजनाओं की फाइलें लंबित पड़ी हैं।
इस संबंध में सीडीओ जयकेश त्रिपाठी ने बताया कि ब्लॉक में समय पूर्व ड्यूटी छोड़ने वाले कर्मियों की जानकारी की जाएगी। यदि मामला सही पाया गया तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।