नाथनगर। महुली थानाक्षेत्र के धायपोखर गांव में सियार के हमले में घायल महिलाएं अब भी दहशत में हैं। उनका कहना है कि उन्होंने सियार का खूंखार रूप देखा है। हालांकि, सियार ने अभी तक किसी दूसरे को नहीं काटा है। लेकिन, लोगों में भय बना हुआ है।
महुली थानाक्षेत्र के धायपोखर गांव की 40 साल की उर्मिला देवी तथा 55 साल की किरन देवी को सोमवार को सियार ने काट लिया था। परिजनों ने उनका इलाज करवाया और रैबीज का इंजेक्शन भी लगवाया है। लेकिन, महिलाओं के अंदर आज भी दहशत है। महिलाओं का कहना है कि सियार ने जिस तरह से सियार ने हमला किया, उसको देखकर लग रहा था कि वह पागल हो गया है। रह-रहकर सियार के हमले का दृश्य उनके सामने आ रहा है। उर्मिला के पति जमुना प्रसाद बताते हैं कि जब कोई बाहर रहता है तभी वह कमरे से बाहर निकल रही हैं। उनके अंदर अब भी सियार का भय है। वहीं गांव के रामभेज का कहना है कि अब तक सियार फिर नहीं दिखा है। लेकिन, गांव के लोग बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं।
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सियार काटने के बाद लगवाएं रेबीज का इंजेक्शन : डॉ. विशाल
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाथनगर के चिकित्सक डॉ विशाल यादव का कहना है कि सियार के काटने पर तुरंत उस जगह को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं, और किसी एंटीसेप्टिक का इस्तेमाल करें। फिर बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें और रेबीज का इंजेक्शन (वैक्सीन और इम्यून ग्लोबुलिन) लगवाएं। सियार के काटने पर रेबीज का खतरा हो सकता है, इसलिए तुरंत चिकित्सा सहायता लेना बहुत जरूरी है। घाव को ढकें मत बल्कि उसको खुला रखें और एंटी सेप्टिक क्रीम लगाएं। टिटनेस का इंजेक्शन भी लगवाना आवश्यक है।
उर्मिला देवी- फोटो : जमुनहा स्थित अपने डेयरी पर उत्पाद बेंचती शिवकुमारी।