धनघटा। रविवार को मौनी अमावस्या पर सरयू नदी के विभिन्न घाटों पर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने जय जय गंगे जय घोष के साथ आस्था की डुबकी लगाई। बिड़हर घाट पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
सरयू नदी के रामबाग घाट, मैंदी घाट, चाडीपुर, चहोडा आदि स्थानों पर श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान दान किया। बिड़हर घाट पर अंबेडकर नगर, बस्ती, आजमगढ़, गोरखपुर और संतकबीरनगर जिले के कोने-कोने से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
यहां पर लगने वाले मेला में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम डॉ. सुनील कुमार, सीओ अभय नाथ मिश्रा, थाना प्रभारी धनघटा जयप्रकाश दुबे भारी संख्या में पुलिस के जवानों के साथ डटे रहे। रास्ते में जाम न हो इसके लिए धनघटा, उमरिया बाजार, नेतवापुर चौराहे पर बैरियर लगाकर चार पहिया बड़े वाहनों को मेला क्षेत्र में प्रवेश से रोका गया था। नेतवापुर चौराहे से आगे दो पहिया वाहनों का भी प्रवेश वर्जित था। इस बार नदी जिले को छोड़कर अंबेडकरनगर और आजमगढ़ जिले में बह रही है। इस कारण स्नान करने वाले भी तीन जगहों पर विभाजित रहे।
नदी के किनारे लगने वाली भीड़ में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में महिला और पुरुष कांस्टेबल वर्दी व बिना वर्दी तैनात रहे। स्नान पर्व सकुशल संपन्न हां गया। कहीं पर भी न तो जाम लगा और ना ही अप्रिय घटना घटी। थाना प्रभारी जयप्रकाश दुबे का कहना है कि दो लाख से अधिक श्रद्धालु इस बार सरयू नदी में गोता लगाएं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी भीड़ यहां पर कभी हुई नहीं थी। मेला में महिलाएं और पुरुष अपने जरूरत के सामानों खरीदारी करते नजर आए।
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घाट पर लगे मेले में जमकर हुई खरीदारी
धनघटा। बिड़हर घाट पर लगे मेले में लोगों ने जमकर खरीदारी की। मौनी अमावस्या के स्नान के बाद पूजा पाठ किया, इसके साथ ही दान दक्षिणा दी। उसके बाद वहा लगे मेले में लोगों ने खरीदारी की। इस दौरान कास्मेटिक, बर्तन, लोहे के बर्तन, खिलौना समेत अन्य प्रकार के सामान की दुकानें सजी थीं। वहां पर लोग खरीदारी करते रहे। यह क्रम शाम तक चलता रहा।
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सरयू नदी में श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
रोसयाबाजार। मौनी अमावस्या पर रविवार को पौली क्षेत्र के सरयू तट के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं आस्था की डुबकी लगाई। स्नान-दान किया और सुख-समृद्धि की कामना की। मां सरयू के मयन्दी, नारायणपुर के घाटों पर भोर से श्रद्धालु पहुंचना शुरू कर दिए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने नदी में डुबकी लगाई और अन्न दान दिया। महिलाओं ने सरयू माई के नाम कड़ाही चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान बच्चों ने मेले का भी आनंद लिया। मेले में महिलाओं ने जरूरी सामान की खरीदारी की।