संतकबीरनगर। आर्य समाज मंदिर मेंहदावल रोड स्थित परिसर में चल रहे वार्षिकोत्सव में सोमवार को वृहद यज्ञ एवं वेद कथा हुई। गुरुकुल सुल्तानपुर से आए मुनिजी ने कहा कि संसार सागर को अग्निहोत्र रूपी नौका से पार उतार सकते हैं, जो ईश्वर की भक्ति करता है उसे बड़े से बड़ा दुख भी राई के समान प्रतीत होता है।
आचार्य सुनील ने बताया कि आज के युवा भटक रहे हैं। उन्हें सही मार्ग पर चलने के लिए सत्यार्थ प्रकाश एवं संस्कार विधि का स्वाध्याय करना चाहिए। नशे की लत से घर उजड़ रहे हैं, उन्हें आर्य समाज के सत्संग में और गुरुकुल शिक्षा द्वारा मार्ग मिलेगा। गीता आर्य ने प्रेरक एवं मधुर भजनों की प्रस्तुति दी। संवाद