संतकबीरनगर। जिले में बोरे के अभाव में गेहूं खरीद की रफ्तार धीमी है। स्थिति यह है कि खरीद न होने के चलते कई क्रय केंद्र बंद हैं। महुली क्षेत्र के गेहूं क्रय केंद्रों पर बोरे के अभाव में ताला लटक रहा है, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में दिक्कत हो रही है। मजबूरी में किसान अपनी उपज को औने-पौने दामों पर स्थानीय व्यापारियों को बेच रहे हैं।
हरिहरपुर, लुतुही और झिंगुरापार स्थित गेहूं क्रय केंद्रों पर बोरे का अभाव है। तौल न होने के चलते केंद्रों पर ताला लटक रहा है। हरिहरपुर, महुली संवाद के अनुसार गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण करा चुके किसान क्रय केंद्र का चक्कर लगा रहे हैं। किसान रघुपति यादव, चंद्रमणि त्रिपाठी, अशोक कुमार, दीपेंद्र पटेल ने बताया कि गेहूं की फसल तैयार करने में कर्ज लेकर लागत लगा चुके हैं। अब अपनी उपज व्यापारियों के हाथों बेचने पर मजबूर हैं।
किसानों का कहना है कि व्यापारी उनकी मजबूरी का फायदा उठाते हुए फसल की उपज औने-पौने दाम पर खरीद रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई में एडमिशन और कॉपी किताब का खर्च और परिवार की परवरिश के लिए किसानों को अपनी उपज का ही सहारा है। लोहरौली संवाद के अनुसार बोरे के अभाव में गेहूं क्रय केंद्र सिसवा दाखिल बंद है। किसान गेहूं बेचने के लिए परेशान हैं।
विकास खण्ड सेमरियावां के अंतर्गत स्थित परसा शेख न्याय पंचायत सिसवा दाखिली क्रय केंद्र पर ताला बंद है। गोदाम प्रभारी रमेश मिश्रा ने बताया कि बोरे न मिलने से खरीदारी नहीं हो पा रही है। किसान बहरैची, लालजी मणि, दयालु, पंचराम, पप्पू, राधे श्याम घनश्याम, साधू, केदार आदि ने बताया कि गेहूं क्रय केंद्र पर खरीदारी नहीं हो रही है।
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धनघटा में 17 किसानों से 885 क्विंटल खरीद
-फार्मर रजिस्ट्री न होने से केंद्र से लौट रहे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। क्षेत्र में गेहूं क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद धीरे-धीरे बढ़ रही है। हॉट शाखा धनघटा पर अभी तक 17 किसानों से 885 क्विंटल 50 किलो गेहूं की खरीद की जा चुकी है, लेकिन जो किसान अभी तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं करा सके हैं। वह बगैर गेहूं का तौल कराए केंद्र से लौट रहे हैं।
धनघटा में स्थित गेहूं क्रय केंद्र पर विकासखंड हैंसर बाजार के किसानों के गेहूं खरीद करने की जिम्मेदारी है, जबकि विकास खंड पौली में पौली ब्लॉक के किसानों के गेहूं का खरीद किया जाता है। इसके अलावा साधन चार सहकारी समितियों पर गेहूं की खरीद की जाती है। हॉट शाखा धनघटा पर अब तक 17 किसानों से 885 क्विंटल 50 किलो गेहूं की खरीद की गई है तो हाट शाखा पौली निहैला पर 14 किसानों से करीब 700 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। इसके अलावा साधन सहकारी समितियों पर भी गेहूं का खरीद किया जा रहा है। धीमी गति से गेहूं की खरीद शुरू होने से किसान अपना उपज बेचने के लिए क्रय केंद्रों पर जाना शुरू कर दिए हैं। उनके कागजात अगर ठीक है तो नंबर के हिसाब से गेहूं का खरीद भी किया जा रहा है, लेकिन उन किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि अगर फार्मर रजिस्ट्री नहीं हुई है तो गेहूं की खरीद नहीं हो पा रही है।
शनिवार को धनघटा क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए पहुंचे किसान रामलाल, रामजतन, सुग्रीव आदि ने बताया कि व्यापारी कम दाम पर गेहूं की खरीद कर रहे हैं। क्रय केंद्र पर 2585 रुपए प्रति क्विंटल दाम मिल रहा है। सोचा कि गेहूं क्रय केंद्र पर बेचेंगे, लेकिन यहां आने के बाद पता चला कि बगैर फार्मर रजिस्ट्री के गेहूं की खरीद नहीं होगी। अब फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए तहसील का चक्कर काटना पड़ेगा। हॉट शाखा धनघटा के केंद्र प्रभारी अभिषेक श्रीवास्तव का कहना है कि अभी तक 17 किसानों से 885 क्विंटल 50 किलो गेहूं का क्रय किया जा चुका है। किसान फार्मर रजिस्ट्री समेत अन्य कागजात के साथ क्रय केंद्र पर आ रहे हैं तो उनके गेहूं का तौल किया जा रहा है।
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कर्मियों के प्रशिक्षण के बाद केंद्रों पर होगी फार्मर रजिस्ट्री
मेंहदावल। नगर क्षेत्र में स्थित गेहूं क्रय केंद्र पर किसानों से गेहूं की खरीद की जा रही है। दूसरी तरफ गेहूं क्रय केंद्र के प्रभारी को भी अब किसानों का फार्मर आईडी जनरेट करने का काम सौंपा गया है, लेकिन इसके लिए कोई प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। खाद्य एवं रसद विभाग के विपणन निरीक्षक गोदाम को गेहूं खरीद केंद्र बनाया गया है। दूसरी तरफ प्रशासन फार्मर आईडी का कार्य तय समय सीमा के अंदर पूरा करने के लिए कटिबद्ध है, जिसके तहत गेहूं क्रय केंद्र पर भी किसानों का फार्मर आईडी बनाने का निर्देश जारी किया गया है, लेकिन केंद्रों पर इसके लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। एसएमआई गोरखनाथ यादव ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री क्रय केंद्र पर बनाने का निर्देश जारी किया गया है। इसके लिए जिला मुख्यालय पर प्रशिक्षण रखा गया है। प्रशिक्षण लेने के बाद फार्मर रजिस्ट्री किसानों का बनाने के लिए समुचित व्यवस्था की जाएगी।