अपनी भीगी गेहूं की फसल के बोझों को सुखाते हुए किसान
संतकबीरनगर। जिले में पिछले तीन दिनों से बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे तो कई क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई हैं। मौसम में बदलाव और बारिश से कटाई और मड़ाई प्रभावित हो गई है। खेतों में खड़े फसल भीगने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
बृहस्पतिवार को आंधी-पानी के चलते फसलें भीग गई थी। गेहूं की जो फसल खेत में पककर तैयार है, उसकी कटाई किसान नहीं कर पाए हैं, जबकि जिन लोगों ने कटाई कर दी थी और बोझ बनाकर मड़ाई के लिए छोड़ दिया था, वह भीग जाने से मड़ाई नहीं हो पाई। किसान फसल को सुखाने में जुटे हुए थे, लेकिन फिर मौसम बिगड़ जाने से कटाई व मड़ाई का कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो गया है।
रविवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। इस बीच हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे फसल की कटाई-मड़ाई नहीं हो पा रही है।
ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ गई है। वैसे अभी 40 फीसदी फसल की कटाई व मड़ाई नहीं हो पाई है। ऐसे में फसल बर्बाद होने की आशंका उत्पन्न हो गई है। नहसापार के किसान यशवंत चौरसिया, चकदही के रामफल आदि ने बताया कि मौसम खराब रहने से कटाई व मड़ाई नहीं हो पाई है। बारिश में फसल भीगने से दाने काले पड़ सकते हैं।