संतकबीरनगर। मौसम तेजी से बदल रहा है। बढ़ती तपिश आंखों में संक्रमण बढ़ा सकती हैं। ऐसे में हर किसी को आंखों के प्रति सावधान रहने की जरूरत है, नहीं तो आई-फ्लू की चपेट में आ सकते हैं।
जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में रोजाना आई फ्लू की शिकायत के मरीजों की संख्या बढ़ी है। यहां की ओपीडी में आने वाले 100 से अधिक मरीजों में औसतन 20 लोग इसी बीमारी से पीड़ित मिल रहे हैं।
जिला अस्पताल के नेत्र कक्ष की ओपीडी में इलाज कराने आए बंजरिया निवासी संदीप ने बताया कि तीन-चार दिन से आंखों से पानी गिर रहा है, साथ में खुजली भी होती है। जिससे देखने में काफी परेशानी होती है। डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने आई-फ्लू की समस्या बताने के साथ ही दवा दी।
इसी तरह सीएचसी खलीलाबाद में इलाज कराने आई नेदुला की निशा ने बताया कि दो दिनों से दोनों आंखें लाल है। डॉक्टर ने जांच करते हुए बताया कि कंजंक्टिवाइटिस की समस्या है। पांच दिन की दवा और ड्रॉप देते हुए एहतियात बरतने की सलाह दी।
सीएचसी खलीलाबाद के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. केपी सिंह ने बताया कि यह संक्रमण से होने वाली बीमारी है। जिसे आई-फ्लू कहते हैं, गुलाबी आंख या आंख आना भी बोलते हैं। यह संक्रमण होने पर आंखें लाल हो जाती हैं। आखों से खुजली होने के साथ पानी आने लगता है। डॉ. केपी सिंह के मुताबिक जब मौसम नम और धूप के कण उड़ने लगते हैं तो यह तेजी से फैलता है।
यह घातक बीमारी नहीं, लेकिन परेशानी बढ़ा देती है। संक्रामक बीमारी होने की वजह से यह तेजी से एक दूसरे में फैलता है। आई-फ्लू बैक्टिरिया और वायरस की एलर्जी से होने वाली बीमारी है।
इसे गांव की भाषा में आंखों का आना भी कहते हैं। यदि परिवार में किसी को इस तरह की समस्या हो तो उसे दूसरों से दूर रखें। छुआछूत से परहेज करना चाहिए। साथ ही बताया कि इन दिनों रोजाना 20 से अधिक मरीज इसी बीमारी से परेशान होकर आ रहे हैं। ऐसे में उनका इलाज करने के साथ ही एहतियात बरतने की सलाह दी जाती है।