संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में बुधवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली के निजीकरण के लिए लाए गए इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 एवं श्रम संहिता के विरोध में आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी इंजीनियर दीनानाथ मिश्रा ने कहा कि देश की दस प्रमुख केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों ने श्रम संहिता एवं इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 और किसानों की मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के साथ मिलकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल का निर्णय लिया गया है। जल्द ही तिथि की घोषणा की जाएगी। संघर्ष समिति के पदाधिकारी दिलीप मौर्य ने निजीकरण उपभोक्ता और कर्मचारियों के हित में नहीं है। ऐसे में जब तक निजीकरण का फैसला वापस नहीं होगा, तब तक आंदोलन चलता रहेगा।
धरना में इंजीनियर अमित सिंह, मुकेश गुप्ता, प्रिंस गुप्ता, संतोष गुप्ता, सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, आशीष कुमार, भास्कर पांडेय, श्रवण प्रजापति, धीरेंद्र यादव, मनोज यादव, रमेश प्रजापति, अशोक कुमार, रितेश कुमार, वीरेंद्र मौर्य आदि मौजूद रहे।