संतकबीरनगर। चक्रवाती तूफान अर्नब का जिले में व्यापक असर देखने को मिला है। शुक्रवार की सुबह से ही बारिश होती रही, जिसके कारण लोग जहां घरों में रहने को मजबूर हो गए, वहीं अधिकतर दुकानें बंद रहीं। बारिश के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है। वजह यह है कि बारिश के साथ तेज हवा से फसल खेत में बिछ गई है। ऐसे में कटाई और मड़ाई में मुश्किलें खड़ी हो सकती है। साथ ही रबी की बोआई पर भी विपरीत असर पड़ सकता है।
सुबह से ही बारिश शुरू होने से शहर में जलभराव की स्थिति देखने को मिली। पीईटी परीक्षा के चलते कक्षा-एक से 12 तक के विद्यालय बंद रहे। दूसरी तरफ शहर के मेंहदावल बाईपास, जिला अस्पताल के सामने, आजाद चौक के पास, गोलाबाजार, विधियानी आदि क्षेत्रों में जलभराव के चलते लोगों को आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ी। अधिकतम तापमान में करीब नौ डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इससे ठंड का एहसास होने लगा है। धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है। बारिश व तेज हवा के चलते फसल लेट गई है। खेत में नमी आने से कटाई और मड़ाई का कार्य पूरी तरह से रुक गया है। कटाई नहीं हुई तो रबी की फसल की बोआई पर भी असर पड़ेगा।
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लाल मिर्च की खेती को नुकसान
लोहरैया। अर्नब तूफान के प्रभाव से हो रही बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। वहीं तेज हवा के चलते पक कर तैयार धान की फसल खेतों में गिरकर पानी में डूब गई है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
खेतों में पानी भरने के कारण काटकर छोड़ी गई धान की फसल पानी में तैर रही है। वहीं जिन किसानों की फसल अभी खेतों में खड़ी थी, उनकी फसल भी तेज हवा के चलते जमीन पर बिछ गई है। इससे धान की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ ही उपज में भी कमी आने की आशंका है। खेतों में जलभराव के कारण रबी की फसलों की बोआई भी प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है। बारिश और तेज हवा का असर लाल मिर्च की खेती पर भी पड़ रहा है। किसानों को मिर्च की फसल में उकठा रोग लगने की चिंता सता रही है। जलभराव और नमी के कारण पौधों के सूखने का खतरा बढ़ गया है।
सियरकला निवासी किसान व्यास मुनि चौबे ने बताया कि बड़ी मेहनत से लाल मिर्च की फसल की रोपाई किए थे। आशा थी कि इस वर्ष फसल अच्छी होगी परंतु तूफान के प्रभाव से पूंजी नुकसान होने का भय सता रहा है। मुंडेरा राय गांव निवासी किसान जगदंबा राय की काला नमक धान की फसल भी बारिश और तेज हवा के कारण खेत में गिर गई है। उन्होंने बताया कि फसल तैयार करने में घर की जमा पूंजी और महीनों की मेहनत लगी थी।
अब फसल बर्बाद होने से आर्थिक नुकसान का भय सता रहा है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
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बारिश व तेज हवा के चलते फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसका सर्वे कराया जाएगा। किसानों को चाहिए कि वह फसल की कटाई अभी रोक दें, इससे नुकसान कम होगा।
-डॉ. सर्वेश यादव, जिला कृषि अधिकारी