हरिहरपुर। नाथनगर ब्लाॅक के मुकुंदपुर ग्राम पंचायत में हर-घर जल योजना का निर्माण कार्य करा रही कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते परियोजना परवान नही चढ़ पा रही है। ट्यूबवेल से सीधे टोटियों में भेजी जा रहे पानी की सप्लाई भी करीब महीने भर से ठप है। टंकी का निर्माण कार्य कर रहे मजदूर भी पंद्रह दिनों से गायब हैं। पेयजल परियोजना की देखभाल के लिए कोई कर्मचारी भी मौके पर नहीं है।
मुकुंदपुर ग्राम पंचायत में चल रही पेयजल परियोजना निर्माण का कार्य पानी की टंकी के लिए फाउंडेशन बनाकर छाेड़ दिया गया था। निर्माण कार्य अधर में रूक जाने की खबर को अमर उजाला समाचार पत्र में प्रकाशित होने के बाद कार्यदायी संस्था ने टंकी के निर्माण का कार्य दोबारा शुरू कर दिया था, लेकिन करीब पंद्रह दिन से निर्माण कार्य कर रहे मजदूर काम छोड़कर नदारद हो गए हैं।
करीब 1.30 करोड़ की लागत से तैयार होने वाली पेयजल परियोजना का कार्य अप्रैल 2023 में शुरू हुआ था, जो बीते साल ही पूरा हो जाना था, लेकिन कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते निर्माण कार्य अब भी अधर में अटका हुआ है। करीब दस माह पहले पानी की टंकी का फाउंडेशन बनाकर कार्यदायी संस्था नदारद हो गई थी। जल निगम के तत्कालीन एक्सईएन संजय जायसवाल ने पहल कर निर्माण कार्य शुरु फिर शुरू कराया, लेकिन अब कार्य ठप हो गया। दूसरी ओर बिना पानी की टंकी निर्माण के हो रही सप्लाई भी रोक दी गई, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश भी है।
ग्रामीण उमाशंकर शुक्ल,आकाश,राज कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य दोबारा शुरू हुआ था, लेकिन फिर पता नहीं क्यों रुक गया। अब तो ग्रामीणों के लिए शुद्ध पेयजल की आस भी टूटती जा रही है। बताते चलें कि इस परियोजना से कुल 1,753 घरों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने का लक्ष्य है। जल निगम के जरिए मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को निर्माण का जिम्मा सौंपा गया था।
कोट
अभी चार्ज के लिए चंद दिन ही हुए है। इस बारे में पता कराएंगे और अधूरी परियोजना को पूर्ण कराया जाएगा। ताकि लोगों को इसका लाभ मिल सके।
-महेंद्र कुमार, एक्सईएन जल निगम