सेमरियावां। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 10 दिन से प्रसव कक्ष में पानी की आपूर्ति नहीं होने से प्रसूताओं और तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। पानी न होने से ड्यूटी पर तैनात नर्सों और स्टाफ को भी हाथ धोने या साफ-सफाई के लिए बाहर से पानी लाना पड़ रहा था। प्रसव कक्ष और आपरेशन थियेटर पानी न होने से साफ-सफाई का गंभीर संकट है, जिससे मरीजों की सुरक्षा खतरे में है। जिम्मेदार सबकुछ जानकर अनजान बने हुए थे। 17 फरवरी के अंक में प्रसव कक्ष में जलापूर्ति ठप, सफाई मुश्किल नामक शीर्षक से अमर उजाला अखबार में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की नींद टूटी और पानी की आपूर्ति बहाल कराई।
30 शैय्या वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां में इलाज के लिए जनपद के सेमरियावां ब्लॉक के साथ ही आंशिक रूप से बघौली, बेलहर कला, सांथा, बस्ती जनपद के साऊंघाट, रुधौली ब्लाॅक के गांवों के लोग आते हैं। सीएचसी सेमरियावां पर पांच लाख से अधिक जनसंख्या इलाज के लिए आश्रित है। सरकार प्रधानमंत्री जननी सुरक्षा योजना चला रही है। इस योजना का उद्देश्य है कि संस्थागत प्रसव का ग्राफ बढ़े। योजना का दूसरा बड़ा उद्देश्य संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के साथ ही मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। अस्पताल की व्यवस्था से संस्थागत प्रसव में बाधा उत्पन्न कर रही है। अस्पताल के प्रसव कक्ष व आपरेशन थियेटर में 10 दिन से पानी की आपूर्ति नहीं होने से मरीजों और तीमारदार को बाहर से पानी लाना पड़ रहा था। क्षेत्र के अली अहमद, इरशाद अहमद, शोएब, जावेद अहमद, मौलाना अकरम आदि ने बताया कि अस्पताल में पानी की सप्लाई न होना एक गंभीर स्थिति है, जो मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा सेवाओं जैसे ऑपरेशन, सफाई, हाथ धोना को प्रभावित करती रही है। अमर उजाला अखबार में प्रकाशित खबर होने पर टूटा पाइप ठीक कराया गया है।
सीएचसी सेमरियावां अधीक्षक डाॅक्टर सुरेश चंद्र ने बताया कि पाइप टूटने से जलापूर्ति बाधित रही, प्लंबर टेक्नीशियन को बुलाकर पाइप ठीक करा दिया गया है। अस्पताल में जलापूर्ति हो रही है।