संतकबीरनगर। अगर आप बोतल बंद पानी पी रहे है तो सतर्क हो जाए। यह पानी आपको बीमार कर सकते हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जनवरी में बोतल बंद पानी के छह कारखानों की जांच की थी और पानी के नमूने को जांच के लिए लैब भेजा था। अब इसकी रिपोर्ट आई है पानी में ईकोलाई बैक्टीरिया व फंगस पाया गया है। इससे लोग हेपेटाइटिस सी के शिकार हो सकते हैं। टीम अब इन कंपनियों पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है। इनको पहले चरण में नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
पानी पिलाना पुण्य का काम माना जाता है, लेकिन अपने मोटे मुनाफे के लिए धंधेबाज इसमें मिलावट कर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। शहर में शुद्ध पानी के नाम पर हो रहा धंधा सेहत के लिए खतरा बनता जा रहा है। रेलवे स्टेशन, मोहल्लों और दुकानों तक जो पानी जार, बोतल या पैकेट में मिल रहा है, उसकी कोई जांच नहीं होती। इसका फायदा धंधेबाज उठा रहे हैं। शहर में रोजाना ट्रकों से बोतलबंद पानी उतरता है। इसे दुकानों पर बेच दिया जाता है। शहर में 20 जनवरी को खाद्य टीम ने छह कारखानों पर छापा मारा था। जिसमें शाही बेवरेजेस इंडस्ट्रियल एरिया खलीलाबाद, गंगोत्री फूड केयर प्राइवेट लिमिटेड इंडस्ट्रियल एरिया खलीलाबाद, रॉयल एंटरप्राइजेज इंडस्ट्रियल एरिया खलीलाबाद, क्रश बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड मोहद्दीनपुर खलीलाबाद, ग्रेजुएट इंटरप्राइजेज सलाहाबाद धनघटा, श्री बालाजी फूड एंड बेवरेज शांति राजनौली धनघटा शामिल थे। इन कारखानों में गंदगी मिली थी और पानी के जांच के कोई इंतजाम नहीं थे। टीम ने पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजा था और इन छह इकाइयों को तत्काल बंद करा दिया था। जांच में बोतलबंद और पैकेट वाले पानी में आवश्यक खनिज तत्व नहीं मिले हैं। पैक्ड पानी के नमूनों में ईकोलाई बैक्टीरिया व फंगस की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। जिनमें रॉयल इंटरप्राइजेज इंडस्ट्रियल एरिया और क्रश बेवरेजेस का पानी असुरक्षित पाया गया है। श्री बालाजी इंटरप्राइजेज पानी असुरक्षित प्राप्त हुआ है। इन सभी में ईकोलाई बैक्टीरिया व फंगस मिला है। शाही बेवरेजेस, गंगोत्री बेवरेजेस व ग्रेजुएट इंटरप्राइजेज का पानी अधोमानक आया है। इस बैक्टीरिया की वजह से पेट से संबंधित गंभीर बीमारियां होती हैं। इसके साथ ही लोग हेपेटाइटिस सी से पीड़ित हो सकते हैं। यह लीवर पर भी असर डालता है। खाद्य टीम ने इन फैक्टि्रयों से पानी निर्माण पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। इसके साथ ही नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
क्या है हेपेटाइटिस सी
हेपेटाइटिस सी एक गंभीर वायरल संक्रमण है जो हेपेटाइटिस सी वायरस के कारण होता है और मुख्य रूप से लीवर को नुकसान पहुंचाता है। संक्रमित पानी पीने व संक्रमण सीधे रक्त के संपर्क में आकर फैलता है। जिससे लीवर में सूजन, सिरोसिस आदि हो सकता है। साथ ही यूरिन में दिक्कत के अलावा उल्टी दस्त हो सकती है।
इन कारखानों के पास जांच के नहीं है इंतजाम
खाद्य विभाग के जरिए छह कारखानों की जांच में किसी भी कारखाने में माइक्रो बायोलॉजिकल जांच की सुविधा नहीं थी। सिर्फ पानी को आरओ करके बोतल में बंद करते थे और बेचते थे। टीम ने जब छापा मारा तो यहां पर गंदगी पाई गई थी। जिसकी वजह से टीम ने इन कारखानों को बंद करा दिया था
ईकोलाई बैक्टीरिया व फंगस शरीर को नुकसान पहुंचाते है। यह पानी में पाया जाता है। अगर इस फंगस का पानी पी रहे है तो इससे हेपेटाइटिस सी की बीमारी हो सकती है। अस्पताल में पेट, उल्टी दस्त से संबंधित बीमारी को लेकर प्रतिदिन 30 से 40 मरीज आते है। ऐसे में पानी को पीने से पहले उसे उबाल कर पीए।
- डॉ. कुमार सिद्धार्थ, वरिष्ठ फिजिशियन जिला अस्पताल
छह कारखानों की जांच की गई थी। इसे तत्काल बंद कराते हुए पानी का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। जिसमें ईकोलाई बैक्टीरिया व फंगस पाया गया है। इन कारखानों में पानी के माइक्रो बायोलॉजिकल जांच के कोई इंतजाम नहीं थे। इन कारखानों को नोटिस जारी किया गया है। कारखानें पूरी तरह से बंद है। नोटिस का जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- सतीश कुमार, सहायक आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन