संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। सरयू के जलस्तर में गिरावट जारी है लेकिन बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। धनघटा क्षेत्र में सियरकला के पास तोड़कर छोड़ी गई पुलिया का निर्माण समय से नहीं होने के कारण करीब 18 गांवों के लोगों को आज भी आवागमन की परेशानी झेलनी पड़ रही है। रास्ते पर पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों को नाव के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है। यहां लोगों की आवाजाही के लिए दो नावें संचालित की जा रही हैं।
एमबीडी बांध से कटकर सियर कला, गायघाट दक्षिणी, ढोलबजा, गुनवतिया, साधु की कुटी, चकदहा, सुअरहा, भौवापार और धमचिया समेत करीब 18 गांव बसे हैं। इन गांवों तक पहुंचने के लिए पक्के रास्ते पर पुलिया का निर्माण कराया गया था। पुलिया के रास्ते से सरयू का पानी पश्चिम से पूरब की ओर तेज गति से बहता था।
ग्रामीणों के अनुसार पुरानी पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसके पुनर्निर्माण के लिए सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने मई महीने में उसे तोड़ दिया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि नई पुलिया के निर्माण के लिए पुरानी पुलिया तो समय से तोड़ दी गई लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया। इसका खामियाजा अब ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। बारिश और बाढ़ के दौरान सरयू का पानी तेज गति से बहने लगा तो पुलिया के स्थान पर रास्ता और कटता चला गया। देखते ही देखते करीब 200 मीटर लंबाई में रास्ता पानी की चपेट में आ गया।
बाढ़ का पानी गांवों के आसपास से काफी हद तक सूख चुका है, लेकिन पुलिया वाले रास्ते पर अभी भी पर्याप्त पानी भरा हुआ है। इससे ग्रामीणों के लिए पैदल निकलना भी मुश्किल है।