जुलाई में घाघरा नदी का जलस्तर कई बार बढ़ा और घटा है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र का कहना है कि बिडहर घाट पर नदी का जलस्तर रविवार को घटते हुए 78.250 मीटर तक पहुंच गया है। बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। इसके बाद भी सतर्कता बरती जा रही है। बांध पूरी तरह से सुरक्षित है।
संतकबीरनगर जिले में दो दिन तक लगातार घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद रविवार को घटने लगा। गायघाट दक्षिण गांव के पास कटान भी रुक गई। इससे नदी के आसपास रहने वालों ने राहत की सांस ली है। दूसरी तरफ प्रशासन अब भी सतर्कता बरत रहा है।
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शुक्रवार और शनिवार को घाघरा नदी का जलस्तर 78.150 से 78.400 मीटर पर पहुंच गया था। नदी का पानी बढ़ने के साथ ही गायघाट दक्षिणी गांव के पास कटान शुरू हो गई थी। नदी में बढ़ने और कटान को देखकर गांव के लोग भयभीत हो गए थे। लोगों को बाढ़ की चिंता सताने लगी थी, लेकिन रविवारसुबह से नदी का जलस्तर घटने लगा।
शाम चार बजे घाघरा नदी की जलस्तर घटकर 78.250 मीटर पर पहुंच गया। नदी का पानी घटने के साथ कटान भी थम गई है, लेकिन गांव के लोग बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं। ग्राम प्रधान बालेंद्र उर्फ पप्पू, लालचंद आदि का कहना है कि नदी का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। अब नदी के बढ़ने का मुख्य समय आ रहा है।
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जुलाई में घाघरा नदी का जलस्तर कई बार बढ़ा और घटा है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र का कहना है कि बिडहर घाट पर नदी का जलस्तर रविवार को घटते हुए 78.250 मीटर तक पहुंच गया है। बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। इसके बाद भी सतर्कता बरती जा रही है। बांध पूरी तरह से सुरक्षित है।