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जलस्तर घटा

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धनघटा तहसील क्षेत्र के सरजू दी का कम हुआ जलस्तर। - फोटो : KHALILABAD
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घटने लगा घाघरा का जलस्तर, लोगों ने ली राहत की सांस
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जलस्तर बढ़ने से भयभीत हो गए थे गांव के लोग
अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर। घाघरा नदी का जल स्तर अब घटाव की ओर है। रविवार को जलस्तर घटकर 78.60 मीटर पर आ गया। इससे नदी के तलहटी में बसे गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है।
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शनिवार को घाघरा नदी का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ता हुआ 78.80 मीटर पर पहुंच गया था। यह खतरे के निशान 79.35 मीटर को छूने को बेताब था। नदी का पानी गांव की तरफ बढ़ने लगा। गायघाट, गुनवतिया, चकदहा, ढोलबजा, सुअरहा, सरैया, खरैया, दौलतपुर समेत एमबीडी बांध और नदी के बीच बसे 38 गांव के लोग भयभीत हो गए। लोगों का कहना था कि यदि इसी तरह पानी बढ़ा तो पानी गांव में घुस जाएगा और मजबूर होकर बांध पर जाकर शरण लेनी पड़ेगी। ऐसे में लोग सतर्क हो गए थे और प्रशासन तैयारियाें में जुट गया था, लेकिन जब रविवार की सुबह नदी के जल स्तर में गिरावट दिखी तो लोगों ने राहत की सांस ली। इससे एक बार फिर बाढ़ का खतरा टल गया है। वैसे सिंचाई विभाग द्वारा तुर्कवलिया नायक में नदी का जल स्तर रविवार की शाम पांच बजे 78.60 मीटर रिकार्ड किया। इससे स्पष्ट है कि घाघरा नदी का जलस्तर नीचे आ रहा है। जलस्तर घटने से नदी व बंधे के बीच बसे गांव के लोगों के लिए राहत की सांस ली, लेकिन अभी खतरा टला नहीं है। कारण यह है कि नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है, ऐसे में यदि नेपाल ने पानी छोड़ा तो फिर बाढ़ आ सकती है। हालांकि, प्रशासन बंधे पर सतर्क निगाह लगाए हुए है। डीएम रवीश ग़ुप्ता ने कहा कि प्रशासन बाढ़ को ध्यान में रखकर पूरी तरह से चौकन्ना है। हर स्थिति से निपटने के लिए तैयारी कर ली गई है। बाढ़ खंड के अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि बंधे पर सतर्क निगाह बनाए रखें।
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