फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फिर बढ़ा राप्ती का जलस्तर

विज्ञापन
विज्ञापन
फिर बढ़ा राप्ती का जलस्तर, खतरा नहीं
विज्ञापन

- शनिवार को जलस्तर 78.40 मीटर पर पहुंचा
- तटबंध की सुरक्षा में ड्रेनेज खंड द्वितीय के अधिकारियों ने डाला डेरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। राप्ती नदी का जलस्तर जहां तेजी से घट रहा था, वहीं 48 घंटे की लगातार बारिश ने नदियों के जलस्तर में भी इजाफा ला दिया। वैसे तो नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है, लेकिन जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से विभागीय अधिकारियों ने तटबंध पर डेरा डाल दिया है।
विज्ञापन

मेंहदावल क्षेत्र में स्थित राप्ती के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। बृस्पतिवार की शाम चार बजे नदी का जलस्तर 78.10 मीटर पर था। शुक्रवार दोपहर 12 बजे नदी का जलस्तर 78.25 मीटर पर पहुंच गया। शनिवार को नदी का जलस्तर दोपहर 12 बजे 78.40 मीटर हो गया, जो खतरे के निशान 79.50 से काफी नीचे है। लगातार नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण विभागीय अधिकारी भी मौके पर जमे हुए हैं। वैसे तो नदी का जलस्तर काफी तेजी से घट रहा था। कई जगहों पर तटबंध से जलस्तर काफी नीचे आ गया था, लेकिन 48 घंटे से लगातार हो रही बरसात ने जलस्तर में वृद्धि कर दिया। नौगो, विशुनपुर व बेलौली तटबंध के अतिसंवेदनशील कटान स्थल हैं तो वहीं खैरा मंदिर, जोरवा व डुमरियाबाबू में भी तटबंध में रिसाव के कारण संवेदनशील तटबंध हैं। विभागीय अधिकारी ड्रेनेज खंड द्वितीय के अवर अभियंता के नेतृत्व में कर्मचारी लगातार तटबंध की निगरानी करने के साथ ही जलस्तर पर निगाह लगाए हुए हैं। अवर अभियंता वीरेंद्र यादव ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन कहीं से भी तटबंध पर प्रभाव नहीं डाल रहा है। तटबंध व जलस्तर की लगातार निगरानी कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें