संतकबीरनगर। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने वास्तविक किसानों से ही धान खरीदने की हिदायत दी। खरीद में फर्जीवाड़ा पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। धान बेचने वाले सभी किसानों का सत्यापन कराया जाएगा।
डीएम ने बृहस्पतिवार को धान खरीद की समीक्षा की। क्रय केंद्र प्रभारियों को क्रय केंंद्रों पर निर्धारित समयावधि में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए। सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को टोकन रजिस्टर में किसान का नाम, मोबाइल नंबर, धान विक्रय की अनुमानित मात्रा, पंजीकरण संख्या एवं खरीद की संभावित तिथि, किसान द्वारा धान विक्रय तिथि एवं बेची गई वास्तविक मात्रा को अंकित करना अनिवार्य बताया।
कम खरीद के लिए सहायक आयुक्त व सहायक निबंधक (सह) एवं जिला प्रबंधक, पीसीएफ पर नाराजगी जताई और खरीद में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त व राजस्व) जयप्रकाश, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह व सीडीओ जयकेश त्रिपाठी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी कमलेश सिंह, उप निदेशक कृषि डॉ. राकेश कुमार सिंह समेत केंद्र प्रभारी उपस्थित रहे।
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अब तक हुई है 11.71 प्रतिशत धान की खरीद
जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में शासन से निर्धारित धान खरीद के लक्ष्य 40,000 एमटी के सापेक्ष नौ दिसंबर तक 995 किसानों से 4686.79 एमटी खरीद हुई है। यह लक्ष्य का 11.71 प्रतिशत है। इसमें 1825.46 एमटी धान मिलरों को दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि जनपद में 4528 किसानों ने धान विक्रय के लिए पंजीकरण कराया है। 3073 किसानों का सत्यापन हुआ है। शेष 1189 किसानों का सत्यापन लंबित है।
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सभी एसडीएम, बंदोबस्त अधिकारी व तहसीलदार करेंगे किसानों का सत्यापन
डीएम ने सभी उप जिलाधिकारी, बंदोबस्त अधिकारी एवं तहसीलदार को धान विक्रय करने हेतु पंजीकृत किसानों का सत्यापन प्राथमिकता के आधार पर करने की हिदायत दी। जिलाधिकारी ने सभी धान क्रय केंद्र प्रभारियों को वास्तविक किसानों से धान खरीद करने एवं सभी प्रपत्र (पंजीकरण, खतौनी, आधार, इत्यादि) केंद्र पर रखने के लिए निर्देशित किया।