निर्वाचन आयोग का निर्देश था कि मतगणना सुबह आठ बजे से शुरू करा दी जाए, लेकिन अधिकतर मतगणना केंद्रों पर दुर्व्यवस्था का आलम रहा। जलपान की व्यवस्था ठीक नहीं होने पर कर्मचारियों ने मतगणना रोक देने की भी चेतावनी दी।
कहीं समय से मतगणना टेबल नहीं लग पाया तो कहीं अन्य तैयारियां भी पूरी नहीं हो पाईं थीं, जिसके कारण खलीलाबाद सहित अन्य केंद्रों पर मतगणना शुरू होने में देरी हुई। खलीलाबाद में तो करीब एक घंटे बाद मतगणना की शुरू हुई।
मतगणना की गति भी काफी धीमी रही। ऐसे में शाम तक क्षेत्र पंचायत सदस्यों के ही कुछ परिणाम आ सके।
खलीलाबाद मतगणना केंद्र पर मतगणना कर्मी सुबह सात बजे ही पहुंच गए थे, लेकिन तब तक मतगणना टेबल ही नहीं लग पाया था। यहां तक कि आरओ के बैठने के लिए भी व्यवस्था नहीं हो पाई थी। अधिकारियों ने कुछ सख्ती दिखाई तो आनन-फानन में टेबल लगाया गया।
करीब नौ बजे से मतपेटिकाएं टेबल पर पहुंची और मतगणना की शुरूआत हुई। एजेंटों को परिसर में प्रवेश देने में भी चूक हुई। एक ही साथ सभी क्षेत्रों में एजेंट परिसर में आ गए, जिसके कारण काफी भीड़ लग गई। बाद में जिलाधिकारी डॉ. सरोज कुमार व एसपी दीपक कुमार भट्ट पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे तो उन्होंने किस क्षेत्र की मतगणना शुरू हो रही है, इसकी घोषणा कराई।
साथ ही जहां की मतगणना शुरू नहीं हुई थी, वहां के एजेंटों को बाहर कराया। इसके बावजूद भी बहुत से ऐसे लोग रहे जो परिसर के अंदर ही बैठे रहे। मतगणना के दौरान कार्मिकों को भी परेशानी उठानी पड़ी। जलपान के लिए मतगणना कार्मिकों ने कई बार आरओ से शिकायत की।
कुछ कार्मियों ने तो यहां तक कह दिया कि अगर आधे घंटे में जलपान की व्यवस्था नहीं हुई तो मतगणना रोक देंगे। आरओ व अधिकारी मतगणना कार्मिकों को समझाते रहे। हालांकि बाद में जलपान का इंतजाम कराया गया। मतगणना समाप्त होने के बाद प्रमाण पत्र के लिए भी विजयी प्रत्याशियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कुछ ऐसी ही स्थिति नाथनगर सहित अन्य मतगणना केंद्रों की भी रही।