- एडीएम, एसडीएम, सीडीओ की गाड़ी पर अभी भी लगी है बत्ती
- परियोजना निदेशक और श्रम प्रवर्तन अधिकारी बेखौफ चल रहे हूटर लगी गाड़ी से
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अनाधिकृत तरीके से हूटर व नीली बत्ती का प्रयोग न करने संबंधी शासनादेश जारी किया गया है, लेकिन इसका असर जिले में नहीं दिख रहा है। वीवीआईपी के मोह से अफसर नहीं निकल पा रहे हैं। पुलिसकर्मी भी बत्ती व हूटर उतारने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं, हालांकि सीएमओ ने खुद अपनी गाड़ी से बत्ती उतरवा दी है, लेकिन अभी भी कई अधिकारी हूटर व बत्ती लगाकर चल रहे हैं।
सीडीओ की गाड़ी पर लगी है बत्ती
मुख्य विकास अधिकारी की इनोवा गाड़ी पर बत्ती लगी है, हालांकि हूटर नहीं है। जबकि शासन से निर्देश हैं कि किसी भी गाड़ी पर हूटर व बत्ती नहीं होनी चाहिए। बावजूद इसके अभी तक सीडीओ की गाड़ी से बत्ती नहीं उतरी है।
परियोजना निदेशक व श्रम प्रवर्तन अधिकारी के वाहन में लगा है हूटर
परियोजना निदेशक डीआरडीए और श्रम श्रम प्रवर्तन अधिकारी की वाहन में हूटर लगा है, उसे अभी तक उतारा नहीं गया है। जबकि यह गाड़ी रोज सड़कों पर दौड़ रही है। बावजूद इसके यातायात और परिवहन विभाग इसे उतारने की जहमत नहीं उठा रहा है।
सीएमओ ने उतरवा दी नीली बत्ती
सीएमओ डॉ. रामानुज कन्नौजिया ने वाहन पर लगे बत्ती और हूटर काे उतरवा दिया है। शासनादेश जारी होने के बाद सीएमओ ने खुद पहल की और ड्राइवर से बोलकर बत्ती को हटवा दिया।
वीआईपी कल्चर को लेकर शासन का निर्देश है। किसी भी वाहन पर लाल व नीली बत्ती और हूटर नहीं होना चाहिए। अधिकारी इसमें सहयोग करें और खुद वाहनों से हूटर व बत्ती हटवा दें। पुलिस और परिवहन विभाग संयुक्त जांच करेगा और जिस भी वाहन पर बत्ती व हूटर मिलेगा उस पर कार्रवाई होगी।
- प्रियवंदा सिंह, एआरटीओ